सोमवार को दिल्ली से घर लौटे युवा दंपति ने मंगलवार दोपहर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़कर कर खुदकुशी कर ली। कमरे से धुआं निकलते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दरवाजा तोड़कर दोनों के शव बाहर निकाले। दंपति के खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लड़की के पिता ने सूचना न देने पर उसके ससुरालियों पर कोई सच छिपाने का शक जताया है।
थाना भुता के गांव शेखापुर निवासी सेवाराम धानुक का 25 वर्षीय पुत्र सोवरन लाल अपने मकान में अपने परिवार वालों से अलग रहता था। उसके पांच भाई और पिता भी पास में अलग-अलग मकानों में रह रहे हैं। सोवरन छह महीने से दिल्ली की एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी कर रहा था।
चार महीने पहले उसकी 22 वर्षीय पत्नी मिथलेश भी उसी के पास रहने चली गई। दोनों की करीब चार साल पहले शादी हुई थी, लेकिन कोई संतान नहीं थी। सोमवार को सेवाराम और उनका बड़ा पुत्र नन्हे दंपति को दिल्ली से बुलाकर लाए थे।
अंदर से बंद था दरवाजा
रात हो जाने के कारण सभी लोग बारादरी इलाके के हरूनगला में रहने वाले रिश्तेदार राकेश और मुकेश के घर ठहरे थे और मंगलवार सुबह तड़के ही सभी लोग अपने गांव शेखापुर चले गए।
नन्हे तो अपने घर चला गया और सोवरन, मिथलेश अपने घर। जबकि सेवाराम खेत पर गन्ना छीलने चले गए और उनकी पत्नी प्रेमवती अपनी लड़की गीता देवी के घर हुई खुशी के मौके पर शाहजहांपुर के गांव सिमरिया गईं हुई थीं।
सोवरन और उसकी पत्नी मिथलेश ने कमरे के अंदर ही बंद होकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। दोपहर दो बजे के समय गांव के छोटे सिंह, रंजीत, भिखारीलाल आदि ग्रामीणों ने धुआं निकलता देखा तो दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था।
इस पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर देखा कि दोनों के जले हुए शव एक दूसरे से लिपटे हुए पड़े थे। यह देख आसपास के लोग सन्न रह गए और ग्रामीणों की घर पर भीड़ लग गई।
दंपति मंगलवार सुबह ही दिल्ली से आए थे। उनकी किसी ग्रामीण से बातचीत भी नहीं हो पाई। इसलिए कोई भी अभी कुछ नहीं बता पाया है। दंपति ने खुदकुशी क्यों की, अभी इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
- गौरव यादव, एसओ भुता
पिता ने जताया सच छिपाने का शक
गांव अदीनापुर निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि उन्होंने मिथलेश का विवाह करीब चार साल पहले सोवरन से किया था। उनकी बेटी अक्सर अपनी माता से बातचीत करती थी।
खाने पीने से लेकर घर गृहस्थी की बातचीत होती थी, लेकिन उसने किसी तरह की कोई आशंका नहीं जताई। महेंद्र पाल ने कहा कि जब उनके समधी अपने बड़े पुत्र नन्हें के साथ सोवरन और मिथलेश को सोमवार रात दिल्ली से बुलाकर लाए तो उन्हें जानकारी नहीं दी गई।
यही नहीं दोनों की मौत की खबर भी सोवरन के घरवालों की बजाए उनके भाई कुंवरसेन ने दी, तब वह गाजियाबाद से गांव पहुंचे। महेंद्र का आरोप है कि सोवरन के घरवालों ने सूचना न देकर कोई सच छिपाया है। वह बृहस्पतिवार को इसकी छानबीन खुद करेंगे।