योजना आयोग के गरीबी के नए पैमाने के बचाव में कांग्रेस के सहयोगी दल भी उतर आए हैं। राज बब्बर और रशीद मसूद के बाद अब केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने भर पेट खाने की नई कीमत तय की है।
'मुंबई में 12 रुपए में भरपेट खाना'
उन्होंने कहा है कि यदि इच्छा हो तो एक रुपए में पेट भर खाना खाया जा सकता है।
फारुक का कहना है, 'आप एक रुपए में भी भर पेट खाना खा सकते हैं और 100 रुपए में भी, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप खाना क्या चाहते हैं।'
गुरुवार को योजना आयोग के पैमाने को सही साबित करने में जुटे कांग्रेसी नेता राज बब्बर और रशीद मसूद ने भी ऐसे ही तर्क दिए थे।
राज बब्बर ने मुंबई में महज 12 रुपए में भरपेट भोजन मिलने का दावा किया था तो रशीद मसूद ने कहा था कि दिल्ली में तो महज पांच रुपए में ही गरीब का पेट भरने के लिए पर्याप्त हैं।
27 रुपया कमाने वाला गरीब नहीं
कांग्रेस नेताओं के तर्कों की कड़ी आलोचना हुई थी। विपक्ष ने भी उनकी जमकर खिल्ली उड़ाई थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी ने कहा था कि कांग्रेस के हाईटेक नेता ‘ई फूड’ की बात कर रहे हैं।
डॉ जोशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु जैसे कुछ ऐसे राज्य हैं जरूर हैं, जहां पांच रुपए में भरपेट भोजन की सरकार ने व्यवस्था कराई है। इनमें कांग्रेस की एक भी सरकार नहीं है।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने इसे मूर्खतापूर्ण और अमानवीय बताते हुए कहा कि सरकार गरीबों का मखौल उड़ा रही है।
सरकार की हर योजना के अलग गरीब