भाजपा के बागी नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा शुक्रवार को पार्टी की सदस्यता और विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। येदियुरप्पा पिछले 40 साल से भाजपा से जुड़े हुए थे। भाजपा ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला।
शिमोगा जिले में अपने गृह नगर शिकारीपुरा में उन्होंने कहा, ‘मैं अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को 12 बजे विधान सभा जाकर विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।’ येदियुरप्पा की पार्टी से भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के इस 70 वर्षीय नेता के दम पर ही भाजपा पहली बार दक्षिण भारत के किसी राज्य में अपनी सरकार बना पाई थी।
येदियुरप्पा ने साफ कर दिया कि वह अपनी क्षेत्रीय पार्टी ‘कर्नाटक जनता पार्टी’ को लांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने समर्थकों को भाजपा की अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचाए रखने के लिए येदियुरप्पा ने कहा कि मैंने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी की लांचिंग में शामिल नहीं होने के लिए कहा है। मैं चाहता हूं कि मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर के नेतृत्व में सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे। येदियुरप्पा और उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि कम से कम 50 विधायक केजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।