भाजपा से अपनी दूरियों का ऐलान कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की नई पार्टी का नाम कर्नाटक जनता पक्ष (केजेपी) होगा। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा नौ दिसंबर को की जाएगी।
मगर इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को येदियुरप्पा के करीबी और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी धनंजय कुमार को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। पिछले साल गठित इस क्षेत्रीय पार्टी के संस्थापक प्रसन्न कुमार ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। यह दल चुनाव आयोग में भी पंजीकृत है। कर्नाटक विधान परिषद में निर्दलीय सदस्य एमडी लक्ष्मीनारायण को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया है।
धनंजय कुमार को हाल ही में मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार से विवाद के बाद भाजपा से निकाल दिया गया था। केजेपी सूत्रों का कहना है कि वह अंतरिम अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे जबकि नौ दिसंबर को औपचारिक घोषणा के बाद येदियुरप्पा इस पार्टी की कमान संभालेंगे।
धनंजय कुमार ने कहा, ‘येदियुरप्पा ने भाजपा छोड़ने का फैसला कर ही लिया है। ऐसे में हमने उनसे केजेपी का नेतृत्व संभालने का आग्रह किया था। हमें उम्मीद है कि जल्द येदियुरप्पा पार्टी में शामिल हो जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की भावनाओं को समझने के लिए राज्य में क्षेत्रीय दल का अभाव है और केजेपी के अस्तित्व में आने के बाद राज्य में जनता के हितों की सुरक्षा की जा सकेगी।
कांग्रेस तथा भाजपा दोनों राष्ट्रीय दल हैं और दोनों राज्य के लोगों के हितों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में असफल रहे हैं। पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही पार्टी को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने के लिए आवेदन किया जाएगा।