वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बैठक में शामिल न होने का निर्णय उन्होंने खुद लिया है। उन्होंने कहा कि वे बीमार नहीं हैं और गोवा जाने के और भी कारण हो सकते हैं।
नरेंद्र मोदी की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे नमो-निया नहीं हुआ है, मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। गोवा न जाने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं, जिसके चलते मैं वहां नहीं गया।'
उल्लेखनीय है कि आज हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लाल कृष्ण आडवाणी, जसवंत सिंह और यशवंत सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए हैं।
माना जा रहा है कि कार्यकारिणी से दूर रहे नेता आडवाणी खेमे के हैं और ये नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनावों की कमान सौंपे जाने के पक्षधर नहीं है।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एजेंडा तय करने के लिए शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। आडवाणी खेमे के नेता उसमें भी शामिल नहीं हुए थे।
आडवाणी, जसवंत सिंह समेत कई नेताओं ने बैठक में शामिल न होने का कारण खराब स्वास्थ्य बताया था, जिसके बाद मीडिया और कांग्रेस की बीच 'नमो' शब्द की चर्चा होने लगी।
कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने भाजपा नेताओं की बीमारी की चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा में 'नमोनाइटिस' फैल गया है।' मीडिया में भी भाजपा नेताओं के एकाएक बीमार पड़ने का 'नमो-निया' नाम दिया गया।
इस बीमारी की ओर इशारा करते हुए ही यशवंत सिन्हा ने आज कहा' मुझे नमो-निया नहीं है, मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।'
गौरतलब है कि सिन्हा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चुनाव प्रचार की कमान नहीं सौंपी जाएगी।