वर्ष 2006 से लेकर अब तक एक के बाद एक सिलसिलेवार धमाकों से पूरे देश को दहलाता रहा आतंकी यासीन भटकल आखिरकार भारतीय एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया।
इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापकों में शामिल यासीन को उसके एक साथी असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी के साथ बृहस्पतिवार तड़के भारत-नेपाल सीमा से लगे रक्सौल से गिरफ्तार किया गया।
देश में करीब 40 धमाकों को अंजाम देकर 250 से ज्यादा लोगों की हत्या करने वाले इस खूंखार आतंकी को खुफिया एजेंसियों रॉ और आईबी की संयुक्त कार्रवाई के तहत खाड़ी के देश से हासिल किया गया है।
मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल आतंकी पर 35 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
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16 अगस्त को लश्कर-ए-ताइबा के बम गुरू अब्दुल करीम टुंडा के बाद अब यासीन की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए दूसरी बड़ी कामयाबी है।
आगे की जांच के लिए यासीन और हड्डी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सुपुर्द किए जाने का फैसला किया गया है।
एनआईए की टीम शुक्रवार सुबह बीएसएफ के विशेष विमान से पटना रवाना होगी और शाम तक यासीन और हड्डी को साथ लेकर वापस दिल्ली आ जाएगी।
बिहार पुलिस और एनआईए की टीम ने यासीन और हड्डी को बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे रक्सौल में नाहर चौक के पास से दबोच लिया।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि यासीन और उसके साथी के भारत नेपाल सीमा पर होने की खबर बुधवार रात को मिल गई थी।
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गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने खुफिया एजेंसियों के साथ बिहार पुलिस और एनआईए को इस सफलता के लिए मुबारकबाद दी।
गोस्वामी के मुताबिक पूछताछ में यासीन ने खुद माना कि वह कोई और नहीं बल्कि कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला यासीन भटकल ही है। यासीन ने अपने साथी की पहचान की भी पुष्टि की।
इसके बाद इन दोनों को मोतिहारी की अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों आतंकियों को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया गया। शुक्रवार को एनआईए इन्हें दिल्ली लेकर आएगी।
बनारस, पुणे के जर्मन बेकरी और हैदराबाद के दिलसुख नगर धमाके सहित दर्जनों धमाकों को अंजाम देने वाले यासीन आईएम के सह-संस्थापकों में से एक है। जर्मन बेकरी में बम रखते हुए उसकी तस्वीर कैमरों में भी कैद हो गई थी।
सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों ने यासीन और हड्डी को उसी तरीके से हासिल किया गया है जैसे दस दिन पहले टुंडा को लाया गया था। इस काम में खाड़ी के देशों के साथ कई अन्य देशों की एजेंसियां भारत की मदद कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक दुबई में छिपे यासीन के आका और आईएम के सूत्रधार आमिर रजा खान, रियाज और इकबाल भटकल के इशारे पर यासीन पिछले दिनों खाड़ी के देश में छिपा था।
भारत में कई बार पुलिस को चकमा देने वाले यासीन को कुछ विदेशी एजेंसियों की मदद से विदेशों में काम करने वाली भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और आईबी ने खोज निकाला।
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डीएनए टेस्ट होगा
यासीन भटकल अपनी पहचान बदलने में बेहद माहिर है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब उसकी पहचान पक्की करने के लिए उसका डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर रही हैं।
इससे पहले यासीन की गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक पुलिस की टीम को बिहार बुलाकर तस्दीक कराई गई कि वही यासीन भटकल है।
यासीन पर छह माह से थी नजर
खुफिया एजेंसियां यासीन भटकल की गतिविधियों पर करीब छह माह से नजर रखे हुए थीं। सूत्रों ने बताया कि इस काम के लिए एनआईए के एक अधिकारी भी छह माह से बिहार के दरभंगा में डटे हुए थे।
एनआईए को पता चला था कि यासीन नेपाल होते हुए दरभंगा आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक यासीन नेपाल होते हुए बांग्लादेश जाने की फिराक में था।
असदुल्लाह दस लाख का इनामी
आतंकी असदुल्लाह उर्फ तबरेज उर्फ हड्डी के सिर पर भी 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। आजमगढ़ जिले के बैरीडीह गांव का रहने वाला असदुल्लाह 2008 में बाटला हाउस मुठभेड़ में आरोपी है।
इस कांड के बाद से वह फरार था। उस पर करीब 42 मामले दर्ज हैं। उसके पिता डॉ. जावेद अख्तर जिले के हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। असदुल्लाह कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ा है।
पाक का विचार बदलेगा
मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद अब आतंकवाद को लेकर वहां सोच बदलेगी और वह भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को सौंपने की दिशा में कदम उठाएगा।--सलमान खुर्शीद, विदेश मंत्री
ऐसे बना आईएम
वर्ष 2008 में यासीन ने भाई रियाज भटकल और रियाज शाहबांदरी, अब्दुल सुभान कुरैशी, सादिक इसरार शेख और आमिर रजा खान के साथ मिलकर आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन बनाया। इंडियन मुजाहिदीन दरअसल, पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा द्वारा पोषित और समर्थित संगठन है।
कोलकाता पुलिस को दे गया था चकमा
2009 में कोलकाता पुलिस ने यासीन भटकल को जाली नोटों के एक मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन तब पुलिस को उसने अपना शाहरुख बताया। इसके बाद उसे जमानत मिल गई। बाद में जब सुरक्षा एजेंसियों को उसकी असली पहचान पता चली तब तक वह जेल से छूट कर जा चुका था।
35 लाख का इनामी
यासीन भटकल पर दिल्ली पुलिस और एनआईए ने 10-10 लाख रुपए और मुंबई पुलिस ने 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
यासीन भटकल
आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य।
असली नाम: मोहम्मद जरार अहमद सिद्दीबप्पा।
जन्म: 15 जनवरी, 1983 को कर्नाटक के उडुप्पी जिले के भटकल गांव में।
विवाह: 2010 में दिल्ली के ओखला इलाके में एक आतंकी की बेटी से।
20 मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल, उसका नाम एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी मौजूद।
12 राज्यों की पुलिस को यासीन भटकल की तलाश थी।
40 ब्लास्ट का मास्टर माइंड
18 मई, 2007: हैदराबाद में दो बम विस्फोट, 18 लोगों की मौत।
13 मई, 2008: जयपुर में नौ बम विस्फोट, 70 लोगों की मौत।
26 जुलाई, 2008: अहमदाबाद में 21 बम विस्फोट, 56 की मौत।
13 सितंबर, 2008: दिल्ली में पांच बम विस्फोट, 30 की मौत।
13 फरवरी, 2010: पुणे स्थित जर्मन बेकरी में विस्फोट, 17 मरे।
17 अप्रैल, 2010: बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में धमाके में मुख्य आरोपी।
7 दिसंबर, 2010: बनारस के दशाश्वमेध घाट पर बम धमाके, एक बच्ची की मौत।
13 जुलाई, 2011: मुंबई के ओपरा हाउस, झवेरी बाजार, दादर में विस्फोट, 26 की मौत।
7 सितंबर, 2011: दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर विस्फोट, 15 लोगों की मौत।
21 फरवरी, 2013: हैदराबाद में दो विस्फोट, 16 लोगों की मौत।
17 अप्रैल, 2013: बंगलूरू में भाजपा कार्यालय के सामने विस्फोट, 16 लोग घायल।
इसके अलावा 2006 के मुंबई ट्रेन सीरियल ब्लास्ट में भी संदिग्ध। जिसमें 187 लोग मारे गए थे।