कान्हा के क्रीड़ाक्षेत्र श्रीधाम वृंदावन में दुनिया के सबसे ऊंचे, वृंदावन चंद्रोदय मंदिर का निर्माण आरंभ हो गया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर सोमवार को अक्षय पात्र में वैष्णव परंपरा से पूजन के बाद कार्य को गति दी गई।
इस दौरान संतों, जनप्रतिनिधियों ने मंदिर निर्माण की महत्ता बताई। वेदपाठी वैष्णवजनों के सान्निध्य में हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन के बीच राधा कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन हुआ।
इसके बाद इस्कॉन संस्थापक प्रभुपाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में कर्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज, सांसद हेमा मालिनी, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष चंचलापतिदास और इनफिनीटी ग्रुप के चेयरमैन रविंद्र छाबरिया ने हवन यज्ञ में आहुतियां दीं।
निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री का पूजन, विघभन निवारक हवन और नृसिंह आरती की गई। मंच पर कार्यक्रम के बाद निर्माण पट्टिका अनावरण कर स्तंभ की नींव रखने का कार्य शुरू हुआ।
आशीर्वचन में कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने कहा कि कृष्ण को पाना है तो उन्हें व्यवहार में लाना होगा। यह सब सिर्फ उपासना से संभव है। सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि इस्कॉन संस्थापक प्रभुपाद ने भारत ही नहीं अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड सहित कई देशों में कृष्ण भक्ति का प्रचार प्रसार किया। जिससे कई देशों में भगवान कृष्ण के भव्य मंदिर बनाए गए हैं।
उन्होंने सांसद के नाते हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि यह वृंदावन चंद्रोदय मंदिर परियोजना के विकास में एक मील का पत्थर है। हमारा उद्देश्य इसे आध्यात्मिक ज्ञान और मानव रूपांतरण का केंद्र बनाना है।