ताजमहल के साए तले महताब बाग को मुगलिया रूप में लाने के लिए एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) ने जिस एनजीओ वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड से करार किया है, उसने देश की सीमाओं से ही खिलवाड़ कर दिया।
एनजीओ अपनी वेबसाइट में ताज के ग्रांड डिजायन महताब बाग को संवारने का दावा कर चंदा मांग रहा है, जबकि अपनी वार्षिक रिपोर्ट में दिखाए गए भारत के नक्शे से कश्मीर को पाकिस्तान में और लद्दाख-अक्साई चिन को चीन की सीमा में दिखाया गया है।
करोड़ों रुपये की लागत से रिवर फ्रंट गार्डन महताब बाग और एत्माद्दौला को मुगलिया रूप में लाने के लिए वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड और एएसआई ने 2013 में करार किया है। दोनों बागीचों के साइंटिफिक क्लीयरेंस पर एक्सपर्ट को जुटाने का काम मान्यूमेंट फंड करेगा, जबकि जमीनी काम एएसआई के जिम्मे है, लेकिन एनजीओ ने वेबसाइट के जरिए ताजमहल के नाम पर दुनिया भर से डोनेशन मांगना भी शुरू कर दिया है।