गणतंत्र दिवस के विज्ञापन पर उठे विवाद के बाद शिवसेना ने संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द को स्थायी रूप से हटाने की मांग की है। शिवसेना की इस मांग के बाद इस विज्ञापन विवाद ने तूल पकड़ लिया है।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि भारत सेकुलर नहीं हिंदू राष्ट्र है, इसलिए संविधान की प्रस्तावना में जोड़े गए सेकुलर और सोशलिस्ट शब्द को हमेशा के लिए हटा दिया जाना चाहिए।
सांसद राउत ने कहा कि यह दोनों शब्द संविधान की प्रस्तावना में कभी नहीं थे। संविधान के पुराने प्रस्तावना को छापना गलती है तो इसे रोज छापा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनजाने में ही सही लेकिन 26 जनवरी को सूचना प्रसारण मंत्रालय ने जो विज्ञापन जारी किया वह भारत के लोगों की भावना का सम्मान करने वाला है, यदि इन शब्दों को इस बार गलती से हटाया गया है तो अब इसे संविधान की प्रस्तावना से स्थायी तौर पर हटा दिया जाना चाहिए।