वूमेन पावर हेल्पलाइन नंबर 1090 के साथ यूपी में महिलाओं और युवतियों को फोन और मोबाइल पर अश्लील कॉल व एसएमएस भेजने वालों के खिलाफ एक नया हथियार मिल गया है। इस नंबर पर कॉल करके महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक अलग टीम बनाई है, जो शिकायतों के आधार पर आरोपियों को पहले समझाने -बुझाने की कोशिश करेंगी और जरूरत होने पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
वूमेन पावर हेल्पलाइन टीम की सिफारिश पर आरोपियों के खिलाफ सरकारी नौकरी व पासपोर्ट से भी वंचित करने और चरित्र प्रमाण पत्र न जारी करने का दंड मिल सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को इस सेवा की शुरुआत की।
दिल्ली में इस सेवा की सफलता को देखते हुए यूपी पुलिस ने इसकी शुरुआत की है। गुरुवार को अपने सरकारी आवास से इस योजना की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर प्रताड़ित महिलाओं को यह नहीं पता होता है कि उसे कौन परेशान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावर लाइन सोशल साइट्स तथा ईमेल के जरिए होने वाले उत्पीड़न को भी रोकने में अहम भूमिका अदा करेगी।
1090 पर शिकायत के आधार पर पकड़े गए मनचलों की पहले काउंसिल होगी। उन्हें इस तरह की हरकतों को न करने के लिए समझाया जाएगा। न मानने पर उनके माता पिता को समझाया जाएगा। इसके बाद मनचले ऐसी हरकत करने से बाज नहीं आए तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मकसद है कि छोटे अपराधों को बड़े अपराध में तब्दील होने से पहले ही रोक दिया जाए। यह भी तय हुआ कि जब मनचले पर मुकदमा चलने के दौरान उसका चरित्र प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा तब इससे उसे न सरकारी नौकरी मिलेगी न पासपोर्ट।
1090 की ताकत
-कोई भी पीड़ित महिला या उसकी महिला रिश्तेदार अश्लील कॉल, मैसेज आने पर अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है।
-शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
-पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी आफिस में नहीं बुलाया जाएगा।
-हेल्पलाइन में हर हाल में महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़िता की शिकायत दर्ज करेगी।
-महिला पुलिस कर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़ित की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाएगी, जो विवेचना में सहायक हो सके।
-कॉल सेंटर दर्ज शिकायत पर तब तक काम करता रहेगा जब तक उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती।
यूपी पुलिस ने यह की तैयारी
-महिला पुलिस अधिकारियों को इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स कराया गया है।
-कॉल सेंटर में बैठने वाली महिलाओं को पीड़िता से किस तरह विनम्रता व संवेदनशीलता के साथ उसकी शिकायत दर्ज करनी है इसकी भी खास ट्रेनिंग दी गई है।
-महिला व पुरुष पुलिस बल अलग अगल काम करेंगे।
-हेल्पलाइन के साफ्टवेयर को तकनीकी रूप से इतना दक्ष बनाया गया है कि इसकी कोई सूचना पेन ड्राइव आदि से कापी नहीं हो सकती है।