सात फेरों के बाद आंखों में ढेरों सपने और मन में उमंगें लिए सालभर पहले ससुराल की देहरी चढ़ने वाली टीएमयू की शिक्षिका दीपिका सक्सेना ने मंगलवार को जहर खाकर मौत को गले लगा लिया। दीपिका की लाश उनकी ससुराल में बेडरूम में पड़ी मिली।
शादी के बाद से ही वो अपने सास ससुर के साथ मझोला के चाऊ की बस्ती में रहती थीं। जबकि पति दिल्ली में नौकरी करता था। दीपिका की इच्छा थी कि वो भी अपने पति के साथ रहें। लेकिन पति दिल्ली में अपनी अलग दुनिया में मस्त था।
दीपिका को साथ ले जाना तो दूर वो महीनों तक पलटकर उसकी सुधि भी नहीं लेता था। तन्हाई और पति की बेरुखी ने दीपिका को यूनिवर्सिटी क्लास और डायरी के पन्नों तक समेट दिया। पति ने कहा, नौकरी करती हो साथ दिल्ली कैसे चलोगी तो दीपिका ने पंद्रह दिन पहले इस्तीफा भी दे दिया। लेकिन पति का ये वादा भी झूठा निकला। जिसे बर्दाश्त न कर सकी दीपिका दुनिया को अलविदा कह गई।
हालांकि मायके वालों ने इसे दहेज प्रताड़ना का माला बताते हुए शिक्षिका के पति समेत पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है।
दीपिका की डायरी में कैद मौत की वजह
...मम्मी पापा ये कैसा परिवार देखा है आपने मेरे लिए...। क्या कहा था, सीधा सच्चा और सज्जन...। ये सब तो दिखावा है। असलियत तो मैं झेल रही हूं पिछले तेरह महीने से। घर वाले साथ रखने के लिए भी तैयार नहीं हैं और पीयूष मुझे अलग ले जाकर नहीं रख सकते हैं। ...मेरी जॉब भी इन लोगों ने छुड़वा दी... अब मैं क्या करूं। अब और नहीं झेल सकती। पीयूष में सारे ऐब भरे पड़े हैं।