सत्ता के सेमीफाइनल में चोर-लुटेरा, खूनी जैसे शब्दों के भरपूर इस्तेमाल से पहले ही तार-तार हो चुकी मर्यादा अभी अपनी मंजिल पर नहीं पहुंची है।
असंसदीय शब्दों के हमले के बाद शुरू हुई चरित्र पर हमले की राजनीति निकट भविष्य में अभी और घिनौना रूप दिखा सकती है।
खासतौर पर युवती की जासूसी के मामले में अपने पीएम उम्मीदवार पर हमले से आहत भाजपा कांग्रेस के प्रथम परिवार के सदस्यों पर उसी जुबान में तीखे हमले बोल सकती है।
हाल ही में भाजपा में शामिल हुए सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बीते सोमवार को सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निजी हमला बोल कर इस आशय का संकेत दे दिया है।
अगर जासूसी प्रकरण पर कांग्रेस का मोदी पर हमला इसी तरह जारी रहा तो जल्द ही भाजपा के दूसरी और तीसरी पंक्ति के नेता भी जवाबी हमले में कांग्रेस नेताओं के चरित्र पर हमला बोल सकते हैं।
कांग्रेस की रणनीति से भाजपा सतर्क
युवती की जासूसी मामले को लंबा खींचने की कांग्रेस की रणनीति से भाजपा सतर्क और चिंतित है। उसे आशंका है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस मोदी के खिलाफ इस तरह के कई और आरोप लगा सकती है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिए हैं कि पार्टी का एक धड़ा कांग्रेस को उसी की जुबान में जवाब देने का हिमायती है।
हालांकि भाजपा के रणनीतिकार फिलहाल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महंगाई और नेतृत्व के सवाल पर ही घेरने की रणनीति पर चल रहे हैं। मगर इसके बावजूद पार्टी कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब देने का लगातार संकेत भी दे रही है।