गोद सूनी होने से डिप्रेशन में आई महिला के सिर पर खून सवार हो गया। गोंडा क्षेत्र के गांव भोज नगरिया में महिला ने जिठानी के बेटे-बेटी को गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया और दोनों की लाशें बेड के बक्से में बंद कर गायब हो गई। वारदात का खुलासा आरोपी महिला की बेटी ने ही किया। महिला को नोएडा के कासना से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बताते हैं कि छह माह पहले महिला की लापरवाही से उसकी नवजात बेटी की मौत हो गई थी, इसी के बाद वह डिप्रेशन में आ गई थी।
गांव भोज नगरिया निवासी अशोक बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी के साथ किसी काम से अलीगढ़ आया था। अशोक के चार बच्चों में बड़ी बेटी और बेटा स्कूल गए हुए थे। घर में फौजी भाई वीरेश की पत्नी कमलेश के अलावा अशोक के छोटे बच्चे अजय (12) व प्रीती (10), कमलेश की बड़ी बेटी खुशी (6) व छोटा बेटा मौजूद थे।
खुशी द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, चार बजे करीब अचानक किसी बात पर कमलेश ने अजय व प्रीती को पीटना शुरू कर दिया। वह कुछ समझ नहीं पाई और कुछ देर बाद दोनों को बेड में बने बक्से में बंद कर शौच जाने की बात कहकर घर से बाहर चली गई। यह बात उसने स्कूल से लौटे बच्चों को बताई। बेड का जब बक्सा खोला गया तो उसमें बच्चों के शव मिले। उन्हें देखकर लग रहा था कि दोनों को गला दबाकर मारा गया है।
सुबह गांव में खबर लगी कि कमलेश नोएडा के कासना में सड़क पर घूम रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। एसपीआरए बलिकरन सिंह यादव के अनुसार अशोक की तहरीर पर कमलेश के खिलाफ दोनों बच्चों की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ व जांच में स्पष्ट हो रहा है कि वह साइको और चिड़चिड़े स्वभाव की है। इसी में इस घटना को अंजाम दिया है।