भारतीय वायुसेना ने फ्रेंच रक्षा कंपनी से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में अपने एक विंग कमांडर को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
यह मामला 2011 में बंगलूरू में आयोजित एयरो इंडिया शो में फ्रेंच कंपनी को बेहतर जगह देने के बदले में रिश्वत लेने का है।
जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) द्वारा दोषी पाए जाने के बाद विंग कमांडर एके ठाकुर को बर्खास्त कर दिया गया। ठाकुर ने फरवरी 2011 में बंगलूरू में आयोजित एयरो इंडिया शो में फ्रांस की रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन से रफाल विमान को बेहतर जगह पर पार्क कराने के बदले में रिश्वत मांगी थी।
वायुसेना के लिए 126 लड़ाकू विमानों के सौदे को हथियाने के लिए दुनियाभर की छह दिग्गज कंपनियों के बीच कांटे की टक्कर थी और डसॉल्ट एविएशन इन छह कंपनियों में से एक थी।
सूत्रों ने बताया कि डसॉल्ट एविएशन के एक अधिकारी ने ठाकुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उक्त अधिकारी जीसीएम के सामने भी पेश हुआ था।
जीसीएम ने पिछले साल ठाकुर की बर्खास्तगी की सिफारिश की थी लेकिन इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी थी क्योंकि विंग कमांडर ने राहत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।