लालकृष्ण आडवाणी मोदी विरोधी नहीं हैं। भाजपा में पद को नहीं, देश को महत्व दिया जाता है। ये बातें पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद लालजी टंडन ने रविवार को विंध्याचल के बिड़ला गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के लिए वह अपनी लखनऊ सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं। आज जनता परिवर्तन की आस लगाए बैठी है। यही पार्टी विकास के साथ देश में परिवर्तन ला सकती है।
लालकृष्ण आडवाणी के नाराज होने के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि वह मोदी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने से नाराज नहीं है, बल्कि उन्होंने एक वरिष्ठ नेता होने के नाते पार्टी प्रक्रिया के संबंध में अपनी राय दी थी।
कहा कि 84 कोसी परिक्रमा कार्यक्रम अथवा सभा नहीं है, अपितु आस्था है। परिक्रमा हमेशा से होती रही है जैसे वृंदावन में गोवर्धन परिक्रमा होती है।
आस्था के लिए किसी से इजाजत नहीं लेनी पड़ती है। भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार कार्य करने का संवैधानिक अधिकार है।
कुछ लोग वोट की राजनीति के कारण परिक्रमा रोक रहे हैं। मुजफ्फरनगर दंगे के बारे में कहा कि इसकी गंभीरता को समझें। यह मामूली दंगा नहीं है।
प्रदेश में जब से सपा सरकार बनी है, तब से 28 दंगे हुए हैं। प्रदेश सरकार दंगे के दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
टंडन ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में रोजगार का सृजन हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार में रोजगार के अवसर समाप्त हो रहे हैं। इस दौरान रत्नाकर मिश्रा, नगर पालिकाध्यक्ष राज कुमारी खत्री आदि मौजूद रहीं।