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केजरीवाल की 'आम आदमी पार्टी' में नहीं होगा अध्यक्ष

Sun, 25 Nov 2012 12:59 AM IST
संतोष कुमार/नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पद नहीं होंगे। जिले से राष्ट्रीय स्तर तक संयोजक, कोषाध्यक्ष व कोषाधिकारी और गांव व ब्लॉक स्तर पर दो संयोजकों के पद बनाने का फैसला लिया गया है। हर स्तर का ढांचा अपने अधीन आने वाले मामलों पर फैसला करने के लिए स्वतंत्र होगा।
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गांव, वार्ड और कालेज स्तर की प्राथमिक इकाइयों के सक्रिय सदस्य संयोजक व संयुक्त संयोजक का चयन करेंगे। अगर सदस्य संख्या दस से ज्यादा है तो इस स्तर पर काम करने के लिए कमेटियां बनाई जाएंगी। आगे ब्लॉक का निर्माण होगा, प्राथमिक इकाईयों के एक संयोजक जिसके सदस्य होंगे। प्रत्येक ब्लॉक कमेटी दो संयोजकों का चुनाव करेगी।

इनके पास क्षेत्राधिकार दो या दो से अधिक प्राथमिक इकाइयों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को देखने के साथ ब्लॉक स्तर पर आंदोलन चलाने का जिम्मा होगा। एक जिले के अधीन आने वाले संयोजक जिला परिषद के सदस्य होंगे। बड़ी इकाई होने से जिले में परिषद एक कार्यकारिणी का चुनाव करेगी जिसके जिम्मे संयोजक, सेक्रेटरी व कोषाध्यक्ष का काम होगा। आगे राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर परिषद व कार्यकारिणी होगी। साथ ही, संयोजक, सेक्रेटरी व कोषाध्यक्ष का भी चुनाव किया जाएगा।
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वहीं, पार्टी का सदस्यता अभियान 26 जनवरी से शुरू होगा। इस बीच देशभर में पार्टी कार्यालय खोले जाएंगे। 26 जनवरी से पार्टी के किसी भी दफ्तर में जाकर कोई भी व्यक्ति सदस्यता ले सकता है। हालांकि, पार्टी के स्थापना दिवस 26 नवंबर को जंतर-मंतर पर पहला सदस्य बनने के लिए देशवासियों को आमंत्रित किया गया।

पार्टी का दृष्टिकोण पत्र
पहला हिस्सा स्वराज की परिकल्पना करता है। इसमें ऐसी व्यवस्था बनाने का लक्ष्य है, जिसमें गांव और मोहल्ले के बारे में सारे फैसले लेने का अधिकार स्थानीय निवासियों को हो। राज्यों और देश के महत्वपूर्ण कानूनों के निर्माण में भी आम आदमी की भागीदारी होनी चाहिए। दूसरे हिस्से में आज की कुछ ज्वलंत समस्याओं और उनके समाधन का जिक्र है। बड़ी राष्ट्रीय समस्याओं के लिए विशेषज्ञ समूह का जल्द गठन किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट पर व्यापक चर्चा कर समस्या की तह तक पहुंचा जाएगा।

सीबीआई निदेशक की नियुक्ति का विरोध
केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जा रहे सीबीआई निदेशक का विरोध किया है। इन पर चारा घोटाले में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मदद का आरोप लगा था। इसे देखते हुए अदालत ने उन्हें चारा घोटाले की जांच से अलग कर दिया था। अगर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति सीबीआई निदेशक के रूप में होती है तो निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

आईएसी का नाम का नहीं होगा इस्तेमाल
केजरीवाल ने ऐलान किया कि अब इंडिया अगेंस्ट करप्शन का इस्तेमाल पार्टी नहीं करेगी। उनकी सारी गतिविधियां पार्टी के नाम पर होंगी। अन्ना हजारे से तीन दिन पहले बात हुई थी, उस दौरान उन्होंने अपना आशीर्वाद हमें दिया था।

पार्टी की अपील
देशवासियों से अपील की गई कि वे रिश्वत न लेने और न देने की शपथ लेने के साथ हर चुनाव में बगैर शराब, पैसा व अन्य किसी तरह के प्रलोभन के वोट डालने की जिम्मेदारी का निर्वाह करेंगे।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
अरविंद केजरीवाल, अजित झा, आनंद कुमार, अशोक अग्रवाल, क्रिस्टीना सामी, दिनेश वघेला, गोपाल राय, हेबंग प्योंग, इलियास आजमी, कुमार विश्वास, कृष्णकांत संजू, मनीष सिसोदिया, मयंक गांधी, नवीन जयहिंद, पंकज गुप्ता, प्रशांत भूषण, प्रेम सिंह पहाड़ी, राकेश सिन्हा, संजय सिंह, शाजिया इल्मी, सुभाष वरे, योगेश दहिया, योगेंद्र यादव।
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