राजस्थान सरकार भिखारियों एवं निर्धन व्यक्तियों के लिए पुनर्वास गृह बनाएगी। जिसके लिए राजस्थान रिहेबलीटेशन ऑफ बैगर और इंडिजेट्स एक्ट 25 सितम्बर 2014 से लागू हो जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक सुआलाल ने बताया कि इस अधिनियम के तहत भिखारियों एवं गरीबों के लिए पुनर्वास गृह बनाए जाएंगे।
इन गृहों में आवास एवं भोजन सहित अन्य सुविधाएं नि:शुल्क होगी। प्रथम चरण में संभागीय मुख्यालयों जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा व भरतपुर एवं अलवर जिले में यह केंद्र संचालित किए जाएंगे।
पुनर्वास गृहों में रहने वालों को उनकी योग्यता एवं इच्छा के अनुरूप स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्य धारा के साथ जुड़ सकें।