तीन महीने का यह अनूठा ‘इलाज’ निजी कंपनी के अधिकारी को नशे की कैद से आजाद कराने की जमानत बन गया। कभी पत्नी को कोसने वाला यह पति अब उसके गुन गाता नहीं थकता। गृहस्थी की बगिया में फिर से हंसी-खुशी के फूल खिलने लगे हैं।
कमलानगर की कल्पना श्रीवास्तव (नाम काल्पनिक) एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। पति निजी कंपनी में अधिकारी हैं। पति के सिगरेट पीने की आदत के अलावा वैवाहिक जीवन में खुशहाल थी।
सिगरेट के लिए कल्पना पहले टोकती रहीं, जब कोई फर्क न पड़ा तो टोकना छोड़ दिया। उसे लगा कि वह खुद बदल जाएंगे। लेकिन सिगरेट छोड़ना तो दूर उन्होंने स्मैक का नशा भी शुरू कर दिया।