मेरठ शहर में तेंदुआ गुम हो गया है...मुरादाबाद मंडल में बाघिन ने दस लोगों को मार दिया लेकिन अब तक उसे पकड़ा नहीं जा सका। पीलीभीत में भी कुछ दिनों पहले बाघ आ गया था...लखीमपुर में भी तेंदुआ देखा गया।
ये ताजा घटनाएं बयां कर रही हैं कि बाघ-तेंदुए जब तब आबादी की ओर भाग रहे हैं। लेकिन ये बाघ और तेंदुए यूं ही जंगल नहीं छोड़ रहे। दरअसल उनके घर में शोर इतना बढ़ता जा रहा है कि जंगल का राजा घबराहट में है।
यही घबराहट उसे जंगलों से बाहर तक ला रही है। यह खुलासा हुआ है दिल्ली स्थित सेंटर फार साइंस एंड एनवायरमेंट के सर्वे में। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में इंसानों की तेजी से बढ़ती आबादी इन जंगली जानवरों के लिए खतरा साबित हो सकती है।