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राबर्ट वाड्रा को एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच से छूट क्यों मिले ?

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक नागर विमानन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को राबर्ट वाड्रा की हवाई यात्रा के संबंध में एक पत्र लिखा है। मंत्रालय ने अपने पत्र के जरिए गृह मंत्रालय से कहा है वो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद के सुरक्षा मानकों की फिर से समीक्षा करें, जिससे यह बात सुनिश्चित हो पाएगी की उनको देशभर में की जाने वाली हवाई यात्राओं के दौरान ए/रपोर्ट पर मिलने वाली छूट जारी रहेगी या नहीं।
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राबर्ट वाड्रा उन 31 लोगों में शामिल है जिन्हें एयरपोर्ट पर की जाने वाली जांच से छूट प्राप्त है। इन 31 लोगों की सूची में भारत के मुख्य न्यायाधीश, पूर्व राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट के कुछ न्यायाधीश शामिल हैं। आधिकारिक नियमों के मुताबिक राबर्ट वाड्रा को सिर्फ उसी वक्त छूट दी जा सकती है जब वो एसपीजी सुरक्षाकर्मियों के साथ यात्रा कर रहे हों, या अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे हों या गांधी परिवार के किसी सदस्य के साथ यात्रा कर रहे हों।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि उन्हें नागर विमानन मंत्रालय की तरफ से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें एयरपोर्ट पर राबर्ट वाड्रा को मिली छूट का जिक्र है।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही इस मुद्दे पर एक बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस बैठक में वाड़्रा के एअरपोर्ट के वीआईपी लॉन्ज में जाने की छूट पर भी बात की जाएगी।
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भाजपा हमेशा से करती आई है विरोध

नागर विमानन मंत्रालय की तरफ से गृह मंत्रालय को पत्र भेजा जा चुका है। इससे पहले नागर विमानन मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वाड्रा को मिलने वाली छूट के मुद्दे पर बैठक की थी। भाजपा, राबर्ट वाड्रा को एयरपोर्ट पर मिलने वाली छूट का हमेशा से विरोध करती आई है और उसने अब ऐसे समय में उनकी सुरक्षा छूट के औचित्य का सवाल उठाया है जबकि कांग्रेस विपक्ष में है।

नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम राबर्ट वाड्रा की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सुरक्षा में छूट प्राप्त लोगों की सूची में खुद से कांट-छांट नहीं कर सकते हैं, ऐसा करने के लिए हमें गृह मंत्रालय की मंजूरी चाहिए होगी।

साल 2011 में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने नागर विमानन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कहा था दुनियाभर में कहीं भी किसी निजी व्यक्ति को इस तरह की छूट नहीं प्राप्त है।

उस वक्त यूपीए सरकार भी इस लिस्ट में कांट छांट किए जाने की योजना बना रही थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह कांट छांट विदेशों में रह रहे भारतीय राजदूतों की दी जाने वाली छूट के संबंध में थी।
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