नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ने के बावजूद इस मुद्दे पर ममता सरकार की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2000 में मुखर्जी आयोग के समक्ष एक हलफनामे के जरिए इस बात की पुष्टि की थी कि उसके पास ऐसी कम से कम 64 फाइलें हैं।
लेकिन आखिर वे फाइलें हैं कहां। नेताजी के परिजन इस संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चार पत्र लिख चुके हैं। पहले की वाम मोर्चा सरकार और अब ममता बनर्जी सरकार ने इन फाइलों के रहस्य पर चुप्पी साध रखी है।
राज्य के सरकारी अभिलेखागार के पूर्व निदेशक डॉ. पल्लब चटर्जी कहते हैं कि 25 साल से ज्यादा पुरानी ऐसी फाइलों को संरक्षण के लिए सरकारी अभिलेखागार में भेज दिया जाना चाहिए था।