मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु में कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थाओं में ब्यूटी शो के आयोजनों पर सख्त एतराज जताया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह तत्काल ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर वह कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी करे।
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस टीएस शिवज्ञानम ने एक याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए टिप्पणी की, यह समझ से परे है कि आखिर रैंप पर चलने से इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में कैसे लाभ होगा।
अदालत ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और तकनीकी शिक्षा विभाग के आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह तत्काल सभी शिक्षण सस्थानों, विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों और राज्य में विश्वविद्यालयों से मान्यता प्राप्त अन्य कॉलेजों को इस आशय के सर्कुलर जारी करे कि वे या तो ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाएं या ऐसे ब्यूटी शो का आयोजन न करें।
याचिकाकर्ता लक्ष्मी सुरेश ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी ने फरवरी 2013 में अन्ना विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता ‘मिस टेकोफेस’ में भाग लिया था, लेकिन उसे वादा किया गया इनाम नहीं दिया गया।
उसने बेटी के मौलिक अधिकार के उल्लंघन के एवज में पांच लाख हर्जाने की मांग की है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय से 20 फरवरी को पूरे मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।