अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घूसकांड को लेकर अब गांधी परिवार विपक्ष के निशाने पर आ गया है। राजग सरकार को इस हेलीकॉप्टर सौदे के लिए जिम्मेदार ठहराने की कांग्रेसी चाल पर भाजपा ने पलटवार कर दिया है। भाजपा ने इटली की अदालत में दाखिल आरोप पत्र का हवाला देते हुए सरकार से उस 'फर्स्ट फैमिली' का नाम उजागर करने को कहा है जिसे कंपनी ने 200 करोड रुपए देने की बात कही है।
सरकार भले ही करीब 3600 करोड़ रुपये की इस डील को रद्द करके सीबीआई जांच कराने का आदेश दे चुकी हो। लेकिन सरकार पर हमलावर हो चुकी भाजपा ने इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल से या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की है।
शुक्रवार को भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि इटली की फिनमेकानिका कंपनी ने इंडिया की फर्स्ट फैमिली को 200 करोड़ दिए हैं। इटली की अदालत में दायर आरोप पत्र में दो शब्दों का प्रयोग किया गया है, एक ‘फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडिया’ और दूसरा ‘द फैमिली’। देश उस परिवार के बारे में जानना चाहता है।
उन्होंने ये भी सवाल उठाए कि इस सौदे को अंतिम रूप किसने दिया, डील पर किस व्यक्ति ने हस्ताक्षर किए, हैश्के और एमार एमजीएफ में क्या संबंध है, आईडीएस इंडिया की इस घोटाले में क्या भूमिका है और क्या सरकार ने घोटाले के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए इटली सरकार को पत्र लिखा है।
राहुल गांधी के सहयोगी कनिष्क सिंह पर आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया ने सीबीआई को पत्र लिखकर हेलीकॉप्टर सौदे में राहुल गांधी के एक सहयोगी कनिष्क सिंह की भूमिका की जांच की मांग की है। उन्होंने बिचौलिए हेश्के के एम्मार-एमजीएफ कंपनी से रिश्ते और इस कंपनी से कनिष्क के संबंधों को इस आरोप का आधार बनाया है।
सोमैया की मानें तो सौदे के बिचौलिए हेश्के के साथ कनिष्क के संबंध हैं। हालांकि कंपनी ने सोमैया के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि कनिष्क का एम्मार-एमजीएफ से कोई लेनादेना नहीं है। मगर भाजपा सचिव के इस आरोप के बाद राजनीतिक घमासान तेज होने के आसार बढ़ गए हैं।