महंगाई के मोर्चे पर मोदी सरकार ने बड़ी कामयाबी का दावा किया है। अगस्त में थोक महंगाई दर पांच साल में सबसे कम 3.74 फीसदी रही है। पिछले साल अगस्त (2013) में थोक महंगाई दर 6.99 फीसदी और जुलाई 2014 में 5.19 फीसदी पर थी।
टमाटर के अलावा अधिकांश फल-सब्जियों और ईंधन के दाम काबू में रहने से यह राहत मिली है। हालांकि आम जनता पर खुदरा महंगाई की मार जारी है। लेकिन थोक महंगाई में भारी गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, जिससे ब्याज दरों में कटौती का रास्ता साफ हो सकता है।
डीजल की महंगाई से भी राहत मिलने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने डीजल के दाम बाजार के हवाले करने की वकालत की है।
इस दौरान खाने पीने की चीजों की थोक महंगाई में विशेष रूप से राहत मिली है। प्याज पिछले साल के मुकाबले 45 फीसदी सस्ता है, जबकि सब्जियां भी करीब 5 फीसदी सस्ती हैं।