कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों से उत्साहित कांग्रेस में अब मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर होड़ शुरू हो गई है। 6 प्रमुख दावेदारों में एक को छोड़कर बाकी दलित या पिछड़ा वर्ग से हैं।
मुख्यमंत्री पद के लिए कर्नाटक के प्रमुख नेताओं आलाकमान के दरबार में दावेदारी जताना शुरु कर दिया है। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान उस शख्स को ये कुर्सी सौंपेगा जो पार्टी को लोकसभा चुनाव में भी जीत दिला सके।
राज्य के नेताओं का मानना है कि सीएम का चुनाव चुने गए विधायकों में से ही किया जाएगा और केंद्र से कोई नेता नहीं थोपा जाएगा। आइए नजर डालते हैं उन 6 नेताओं पर जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं।
सिद्धारमैया
सिद्धारमैया पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। वे खुद को सीएम पद के दावेदारों में से एक मानते हैं। उनका मानना है कि विधायक दल की बैठक में निर्णय के बाद कांग्रेस हाईकमान नेतृत्व का फैसला करेगा।
हालांकि सिद्धारमैया के दिल्ली दरबार से संबंध अच्छे नहीं रहे हैं इसलिए उन्हें मौका दिए जाने के अवसर अपेक्षाकृत कम हैं।
जी परमेश्वर
जी परमेश्वर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और दलित नेता हैं। वे चुनाव प्रचार के दौरान किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि अब वक्त आ गया है कि किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
जी परमेश्वर का मानना है कि किसी विधायक को ही सरकार का नेतृत्व करना चाहिए। हालांकि उनका कहना है कि नेता का चुनाव करते वक्त पार्टी सांसदों की भी सलाह ले सकती है।
एक अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैंने पिछले ढाई साल में कड़ी मेहनत की है। अब मैं इसके फल की इच्छा क्यों न करूं।
डीके शिवकुमार
डीके शिवकुमार, बंगलुरु ( ग्रामीण) से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वो पहले ही अपनी दावेदारी जता चुके हैं। प्रमु्ख दावेदारों में अगड़ी जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
डीके शिवकुमार का कहना है कि सरकार की अगुवाई कोई विधायक ही करेगा। वो विधायक कौन होगा इसका चुनाव पार्टी विधायक दल की बैठक में होगा।
वीरप्पा मोइली
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री। कर्नाटक में पहले भी सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं। दिल्ली दरबार के काफी भरोसेमंद हैं लेकिन केंद्र सरकार में उनका कद घटता-बढ़ता रहा है।
राज्य के नेता दिल्ली दरबार से किसी नेता को थोपे जाने का विरोध कर चुके हैं इसलिए इनके अवसर कम ही हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे
केंद्रीय श्रम मंत्री और और दलित नेता। दिल्ली दरबार में अच्छी पकड है उनके सीएम बनने के अच्छे चांस हैं। कर्नाटक में सरकार और संगठन में कई पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
के एच मुनियप्पा
केंद्र में सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं। कर्नाटक के कोलार से सांसद हैं। अगर हाईकमान किसी विधायक को तवज्जो देता है तो इनको मौका मिलने का अवसर कम ही है।