राजस्व मंत्री विनोद कुमार ऊर्फ पंडित सिंह के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने मंत्रियों के प्रति सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने मंत्रियों को हिदायत दी है कि मंत्री क्या कर रहे हैं उन्हें सब पता है। शुक्रवार को डॉ राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथि के मौके पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर कोई इस मुगालते में है कि उनको मंत्रियों की कारस्तानी का पता नही है, तो कभी उनके साथ बैठ जाएं। सब बता दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो अच्छा कर रहे हैं वह भी और जो मुलायम सिंह को नहीं पसंद है वह भी। अपने मंत्रियों और कार्यकर्ताओं को उन्होंने ताकीद की कि कमाने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है। लेकिन पहले जनता का प्यार कमा लें। सरकार बदलने का सकारात्मक फर्क खेतों, सरकारी दफ्तरों और शहर की सड़कों पर जनता को नजर आना चाहिए। तभी सच्ची समाजवादी व्यवस्था नजर आएगी।
कार्यक्रम में युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि पांच साल जब सरकार नहीं थी तब कई बड़े नेता तमाशबीन बने थे। युवा ही सपा की नीतियों को लेकर सड़क पर उतरे थे। उनके चेहरों को जूतों से रौंदा गया था मगर उन्होंने हार नहीं मानी। सरकार बनने के बाद भी युवाओं का उत्साह मुझे उत्साहित करता है। सपा को बूढ़ी पार्टी नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए युवा यही जोश दिखाएं।
वरिष्ठ मंत्रियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मंत्रियों पर कोई आरोप नहीं लगना चाहिए। इससे सरकार की बदनामी होती है। सभी मंत्रियों के बारे में मेरे पास लगातार रिपोर्ट आती है। जो वे अच्छा कर रहे हैं वह भी पता है और जो मुझे पसंद नहीं है, वह भी पता है। मंत्री अपना आचरण सुधारें। जैसा कि, डॉ. लोहिया कहते थे कि, सरकार का असर खेतों और सरकारी दफ्तरों में महसूस होना चाहिए।
2014 में सपा के हाथ चाबी
मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा कि देश का कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है जहां 45 से अधिक संसदीय सीटें हों। केवल उत्तर प्रदेश में 80 सीटें हैं। जहां हम 40 से 50 सीटें जीत सकते हैं। 50 सीटें होने का मतलब है कि केंद्र की सत्ता की चाबी समाजवादी पार्टी के पास होगी। न तो भाजपा और न ही कांग्रेस के पास बहुमत नहीं होगा। इसलिए सभी एक साथ जुट जाएं। 2014 के आम चुनाव अति महत्वपूर्ण हैं। देश में समाजवाद का परचम लहराने का यही एक मौका होगा। इसलिए पार्टी की नीतियों का प्रचार अभी से बहुत जरूरी है।