आधार कार्ड एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट के परीक्षण के दायरे में आ गया है। आधार योजना के तहत जुटाई जा रही जानकारी की वैधता को लेकर शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आखिर मोदी सरकार का आधार कार्ड को लेकर अब क्या पक्ष है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने आधार कार्ड योजना को बेकार बताया था, जबकि सरकार में आने के बाद आधार की तरफदारी की जा रही है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि वह आधार के मसले पर 13 फरवरी तक केंद्र सरकार का पक्ष रखेंगे।
पीठ आधार की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि आधार कार्ड के मद्देनजर लोगों से ली गई जानकारियों को नष्ट कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिया जाना चाहिए।