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बगदादी और लादेन पश्चिमी देशों की उपज : नकवी

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पेरिस पर आतंकी हमले के बाद आतंकवाद पर जारी विश्वव्यापी बहस के बीच अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पश्चिमी देशों पर आतंकवादियों के फलने फूलने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अपने ब्लॉग 'शैतानी साम्राज्य की होड़ में इंसानी कत्लेआम' नाम के लेख में उन्होंने लिखा है कि पश्चिमी देशों ने तेल के कुंए का लालच और उस पर कब्जे की होड़ में जाने-अनजाने बगदादी और लादेन जैसी शैतानी ताकतों को पालने पोसने में मदद की है।
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उन्होंने आतंकी संगठनों को मिल रहे धन और हथियार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठनों के पास न तो हथियार की फैक्ट्री है और ना ही धन हासिल करने के लिए ये संगठन कहीं डाका डाल रहे हैं। ऐसे में इनके पास अत्याधुनिक हथियार और अकूत धन कहां से आ रहे हैं।

नकवी ने कहा कि चूंकि आतंकी कार्रवाई इस्लाम के नाम पर हो रही है, इसलिए इस धर्म से जुड़े धर्मगुरूओं, विद्वानों को जहां आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा, वहीं पश्चिमी देशों को आतंकवाद पर दोहरा मापदंड अपनाने से बाज आना होगा। नकवी ने जेहादी आतंकवाद के खिलाफ इंसानी जेहाद छेड़ने का भी आह्वान किया।
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'पश्चिमी देशों को दोहरा रवैया'

अपने लेख में नकवी ने आतंकवाद को मदद देने के लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा है तो बढ़ते आतंकवाद के लिए इस्लाम में जड़ जमा रहे कट्टरपंथ को भी जिम्मेदार बताया है। उन्होंने आतंकवाद को इस्लाम जगत के लिए भी बड़ी चुनौती बताया।

उन्होंने कहा कि आतंकी तत्व शांतिप्रिय इस्लाम धर्म और पवित्र कुरान की गलत व्याख्या कर निर्दोष लोगों की बर्बर हत्या को उचित करार देते हैं। ऐसे में इस्लाम धर्म के समक्ष ऐसे तत्वों से सीधे और खुल कर निपटने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म के युवाओं को पैगंबर मोहम्मद के उस संदेश से परिचित कराना जरूरी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद सभी प्रकार की हत्याओं से भी बड़ा अपराध है।

उन्होंने कहा कि दुनिया को पाकिस्तान जैसे देशों को भी अलग-थलग करना होगा जिसके प्रायोजित आंतकवाद से भारत में बेगुनाहों का खून बह रहा है। उन्होंने आतंकवाद की घटनाओं में बेशुमार बढ़ोत्तरी का हवाला देते हुए कहा कि इसके लिए आतंकवाद पर पश्चिमी देशों का दोहरा रवैया भी बहुत हद तक जिम्मेदार है।
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