ऐसा लगता है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व संभालने के लिए अभी से ही कमर कस ली है।
बृहस्पतिवार को गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षा एक बार फिर झलकी। यहां पुस्तक विमोचन समारोह के मौके पर मोदी ने कहा कि हर बच्चे और हर नागरिक को भारत माता का कर्ज चुकाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘सिर्फ मोदी ही नहीं बल्कि, हरेक नागरिक भारत मां का कर्जदार है। हरेक की जिम्मेदारी है कि जो भी अवसर उसे मिले, वह इस कर्ज को चुकाए। जैसे कि एक डॉक्टर लोगों की जिंदगियां बचाकर, एक शिक्षक लोगों को शिक्षित करके इस कर्ज को उतार सकता है। मुझे उम्मीद है कि भारत मां इसके लिए उसे अपना आशीर्वाद देती हैं। कोई भी बिना इस कर्ज को चुकाए बच नहीं सकता।’ मोदी का यह बयान 2014 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर काफी अहम हैं।
मोदी हाल ही में भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल हुए हैं, जो पार्टी की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई है। ऐसा माना जा रहा है कि अगले आम चुनाव में वह पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
मोदी का यह बयान लेखक आरपी गुप्ता के उस बयान के जवाब में आया है, जब उन्होंने कहा था कि, ‘मोदीजी ने गुजरात का कर्ज चुका दिया है, अभी भारत मां का कर्ज चुकाना है।’
मोदी यहां ओडिशा चैंबर ऑफ कॉमर्स और गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गुप्ता की किताब ‘टर्न अराउंड इंडिया थ्रू इंक्ल्यूसिव गवर्नेंस एंड टीम स्पिरिट’ का विमोचन भी किया।
उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सीआईआई में दिए गए भाषण पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गुजरात ही है जिसने देश में विकास की राजनीति पर बहस छेड़ दी है।