बगैर किसी अवरोध के संसद चले, इसके लिए दिशानिर्देश जारी करने की गुहार संबंधी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायपालिका विधायिका के कामकाज में दखल नहीं दे सकती है। इस तरह का प्रयास करना लक्ष्मण रेखा को लांघना है।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि संसद को ऐसे चलना चाहिए और सांसद को ऐसा करना चाहिए। इसे देखने के लिए स्पीकर हैं।
पीठ ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र में सभी का कामकाज स्पष्ट है। सांसदों को क्या करना चाहिए, यह सांसदों को भलीभांति पता है। हम उन्हें बताने वाले कौन होते हैं, उन्हें क्या और कैसे काम करना चाहिए। वे तजुर्बेकार लोग हैं। उन्हें अपनी जिम्मेदारी का पता है।
उन्हें निर्देश देने वाले हम कौन होते हैं। पीठ ने दोटूक कहा कि हमें अपनी लक्ष्मण रेखा का पता है। हमें लक्ष्मण रेखा को कभी नहीं लांघना चाहिए।