मध्य प्रदेश और मिजोरम में सोमवार को रिकॉर्ड वोटिंग हुई। मप्र की 230 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा और यहां 70 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मिजोरम के संयुक्त चुनाव मुख्य चुनाव अधिकारी एच लालेंगमाविया ने कहा है कि राज्य की 40 विधानसभा सीटों पर 81 फीसदी मतदान हुआ है। दोनों ही राज्यों के मतदाताओं में जबर्दस्त उत्साह देखा गया।
मध्यप्रदेश में मामा यानी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाग्य का फैसला ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) में कैद हो गया है।
शिवराज की छवि और सुशासन के नाम पर चुनावी जंग में उतरी भाजपा मध्यप्रदेश में हैट्रिक बनने को लेकर आश्वस्त है, जबकि महाराज यानी कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के युवा चेहरे के भरोसे कांग्रेस एक दशक के बाद प्रदेश की सत्ता में लौटने की उम्मीद पाल रही है।
मिजोरम में कांग्रेस को अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद है। भाजपा को उम्मीद है कि पार्टी को पिछली बार से ज्यादा सीटें मिलेंगी। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, राजस्थान के साथ दिल्ली में भी भाजपा की सरकारें बनेंगी।
नकवी का दावा है कि पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्रबंधन कक्ष यानी वार रूम को मिल रही रिपोर्ट भी भाजपा को चारों राज्यों में कांग्रेस से आगे दिखा रही हैं। इन रिपोर्टों से उत्साहित भाजपा को मिजोरम में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। नकवी ने कहा कि पार्टी सीमांत राज्य में भी पहले से अच्छा प्रदर्शन करेगी।
दूसरी तरफ केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ का दावा है कि कांग्रेस को मध्य प्रदेश में कम से कम 140 सीटें मिलेंगी। कांग्रेस ने हालांकि यहां सिंधिया को विधिवत तौर पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया, लेकिन जनता में यही संदेश है कि यदि कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो सिंधिया के सिर पर ही मुख्यमंत्री पद का ताज पहनाया जाएगा।
मतदाताओं को रिश्वत देने का केस दर्ज
मध्य प्रदेश के धार जिले में कथित रूप से मतदाताओं को रिश्वत देने का मामला सोमवार को राज्य की मंत्री रंजना बघेल के खिलाफ दर्ज कराया गया।