पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित करने के लिए अब सूचना का अधिकार को अपना हथियार बनाएंगे।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वीके सिंह ने टेक्निकल सपोर्ट डिवीजन की रिपोर्ट पाने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन करने का फैसला किया है।
वीके सिंह के वकील विश्वजीत सिंह के मुताबिक टीएसडी रिपोर्ट को प्राप्त करने के लिए जल्द ही आरटीआई के तहत आवेदन कर दिया जाएगा।
जनरल वीके सिंह के खिलाफ होगी कार्रवाई!
भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उनकी तरफ से बनाई गई सिक्रीट इंटेलिजेंस यूनिट के लिए उपलब्ध फंड को उमर अब्दुल्ला की जम्मू-कश्मीर सरकार को गिराने के लिए प्रयोग किया जा रहा था।
'सिक्रीट इंटेलिजेंस यूनिट' की गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने का आग्रह किया है। सेना को शक है कि इस यूनिट ने 'अवैध गतिविधियां और वित्तीय गड़बड़ियां की हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी ने इस यूनिट के खिलाफ जांच की सिफारिश की है तो वह व्यक्ति बेमतलब की बात कर रहा है। पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि यह अभियान गुप्त रखने के लिए था।
इस रिपोर्ट में सिक्रीट इंटेलिजेंस यूनिट की गतिविधियों पर शक जाहिर की गई है। हालांकि इस मसले पर सेना मुख्यालय ने कहा कि उनकी ओर से मामला बंद है। वह इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।
सेना अपनी ओर से इस यूनिट के खिलाफ जांच नहीं करना चाहती क्योंकि वह अपने पूर्व जनरल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नहीं दिखना चाहती।
यह रिपोर्ट जनरल बिक्रम सिंह द्वारा गठित बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स (बीओओ) की ओर से सैन्य अभियान के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने तैयार की। भाटिया की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यह यूनिट 'अवैध गतिविधियों' में शामिल रही है।