पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने अन्ना की नई ब्रिगेड की कमान अपने हाथों में ले ली है। उन्होंने गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ 4 दिसंबर को संसद का घेराव करने का ऐलान किया है। उनके इस कदम को अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी और आम जनता की समस्याओं से जुड़ी मुहिम को एक नई धार देने के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य अभी घोषित नहीं किया है, जिसकी वजह से किसानों को गन्ना उत्पादन लागत से कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। किसानों को घाटा हो रहा है इसलिए जनरल सिंह किसानों की समस्याओं से सरकार को अवगत कराना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने इस समस्या पर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पहले भी पत्र लिखा था।
माना जा रहा है कि जनरल सिंह अन्ना की नई टीम में अरविंद केजरीवाल के शून्य को भरना चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने सरकार पर अपने हमले भी तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में जनरल सिंह ने गुरुवार को चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस पर इंडियन नेशनल लोकदल द्वारा आयोजित रैली में कहा था कि देश नेतृत्व की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व संवैधानिक संस्थाओं जैसे सीएजी, सीवीसी, न्यायपालिका यहां तक कि सेना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने देश में गरीबों व मजदूरों के खराब होते हालात और किसानों की दयनीय स्थिति को उजागर करते हुए लोगों से सही लोगों को चुनने की अपील की ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। इससे पूर्व वह मुंबई में अन्ना हजारे के साथ मिलकर संसद को भंग करने की मांग कर चुके हैं।