भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम फिर से शुरू करने के लिए समाजसेवी अन्ना हजारे ने शनिवार को कोर कमेटी की अहम बैठक की। यह बैठक नई टीम बनाने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह और कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े शामिल नहीं हुए। इन दोनों के शामिल नहीं होने का कारण निजी वजह बताया गया है।
बैठक में मेधा पाटेकर, किरण बेदी समेत कई लोग शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक समिति के सदस्यों की संख्या 17 तक रखने पर सहमति बनी है। इसमें जनलोकपाल आंदोलन में अन्ना के सहयोगियों के साथ तीन-चार नए सदस्य शामिल किए जा सकते हैं।
इससे पहले असम दौरे से लौटने के बाद हजारे ने शुक्रवार देर शाम एक बैठक बुलाई थी। इस दौरान सहमति बनी कि किरण बेदी, संतोष हेगड़े, मेधा पाटकर, अखिल गोगोई, अरविंद गौड़, शशिकांत, देविंदर शर्मा, पवन गुप्ता, समेत ऐसे सभी लोगों को समिति में लिया जाए, जो जनलोकपाल आंदोलन के दौरान साथ थे, लेकिन उन्होंने केजरीवाल की तरह राजनीति की राह नहीं पकड़ी है। फिलहाल इसके सदस्यों की संख्या अधिकतम 17 होगी।
वहीं कोशिश की जाएगी कि पीवी राजगोपाल, राजेंद्र सिंह जैसे सभी पूर्व सहयोगी कमेटी में शामिल हो जाएं। कार्यालय को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। कौशांबी और आईआईटी के नजदीक सर्वोदय एंक्लेव समेत आधा दर्जन जगह देखी गई हैं।