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भागवत ने दोहराया, राम मंदिर का निर्माण अवश्य होगा

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने दुनिया भर में अपनी गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया है। इंदौर में पांच दिनों तक चले विश्व संघ शिविर में संघ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में आने वाली दिक्कतों के बारे में समीक्षा की गई। शनिवार को समाप्त इस समागम में 45 देशों के करीब 750 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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बताया जा रहा है कि विदेशों से आए प्रतिनिधियों की कठिनाई जानने और उनका निवारण करने की दिशा में भारत सरकार क्या कदम उठा सकती है, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शिविर में भाग लेने के लिए इंदौर पहुंचीं।

मालूम हो कि संघ का अंतरराष्ट्रीय विभाग हर पांच साल में यह शिविर आयोजित करता है। सूत्रों के मुताबिक संघ का फोकस दुनिया भर में हिंदू यानी भारतीय संस्कृति को फैलाने पर है। इसमें हिंदू आबादी का विषय भी शामिल है।
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राम मंदिर का निर्माण अवश्य होगा

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी शिविर के समापन की पूर्व संध्या पर कहा, ‘दुनिया में भारत के संस्कार और संस्कृति को बढ़ाने की आवश्यकता है। विदेशों में काम कर रहे स्वयंसेवकों के जरिये संघ इस कार्य को बढ़ाने का काम करेगा, क्योंकि दुनिया को भारत के संस्कार और संस्कृति से ही सही दिशा मिल सकती है।’

भागवत का कहना था कि संघ की सुबह की शाखाएं बढ़ी हैं, लेकिन हम अब इसे नए स्वरूप में लाने का विचार कर रहे हैं। राममंदिर के निर्माण के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि मंदिर का निर्माण अवश्य होगा।

संघ प्रमुख ने मोदी सरकार के काम-काज के बारे में कहा कि सरकार की अपनी मर्यादाएं होती हैं। इससे पहले शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी शिविर में पहुंचे। भागवत की और सरकार्यवाह सुरेश जोशी (भैयाजी) से बंद कमरे में चर्चा हुई।
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संघ के आयोजन में शामिल होंगे पूर्व इसरो प्रमुख डा. के राधा कृष्णन

इसरो के पूर्व प्रमुख और देश के जाने-माने वैज्ञानिक डा. के राधा कृष्णन संघ के आयोजन में शामिल होंगे। यह पहला मौका है जब राधा कृष्णन संघ के किसी आयोजन में हिस्सा लेंगे।

उन्हें संघ के अखिल भारतीय घोष शिविर का मुख्य अतिथि बनाया गया है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता खुद संघ प्रमुख मोहन राव भागवत हैं। दरअसल संघ के चार दिवसीय अखिल भारतीय घोष शिविर का आयोजन 7 से 10 जनवरी तक बंगलूरू में होना है।

देशभर से लगभग 2 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक इस घोष शिविर में शामिल होंगे। अखिल भारतीय घोष शिविर में देशभर से 2 हजार वादकों के आने की संभावना है। जनवरी 7 को कार्यक्रम का उद्घाटन होगा। 9-10 जनवरी को दो दिन तक संघ प्रमुख मोहन राव भागवत कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

10 जनवरी को समापन समारोह के लिए पूर्व इसरो प्रमुख डा. के राधा कृष्णनन को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है।
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