‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ को मजबूती प्रदान करने के लिए एक मजबूत कदम उठाते हुए सोमवार को वियतनाम के साथ सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के लिए राजनीतिक, रक्षा व सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर सहमति बनी है। यही नहीं भारत ने वियतनाम को रक्षा उपकरण खरीदने के लिए 100 मिलियन डॉलर (करीब 609 करोड़ रुपये) का कर्ज भी दिया है।
दोनों देशों की नजदीकियों से हालांकि चीन जरूर नाखुश हो सकता है क्योंकि इससे क्षेत्र में उसका एकाधिकार टूट सकता है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वियतनाम के राष्ट्रपति त्रुओंग टैन सैंग के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मुखर्जी ने वियतनाम के राष्ट्रपति को पवित्र बोधि वृक्ष का एक पौधा उपहार स्वरूप दिया। दोनों नेताओं की मौजूदगी में एक्सिम बैंक ऑफ इंडिया और वियतनाम के उप वित्त मंत्री के बीच रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए 100 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों ही देशों ने माना कि सामरिक भागीदारी के मजबूत स्तंभ को खड़ा रखने के लिए रक्षा और सुरक्षा सहयोग काफी अहम है। दोनों के बीच आपसी बातचीत को बढ़ाने पर भी सहमति बनी।