एक तरफ पुलिस और खुफिया तंत्र दंगाईयों को चिह्नित करने में जुटा है, वहीं वाट्सऐप ने भी दंगाइयों तक पहुंचने में पुलिस की काफी मदद की है। एसएसपी के वाट्सऐप नंबर पर लोगों ने काफी ऐसे वीडियो फुटेज भेजे हैं, जिनमें दंगाइयों की साफ पहचान हो रही है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक 55 से ज्यादा दंगाइयों को चिह्नित किया जा चुका है, जिनमें कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है और कुछ की तलाश जारी है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने कुछ समय पूर्व लोगों की सुविधा के लिए वाट्सऐप नंबर जारी किया था, जिस पर कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत अथवा अपराधिक घटनाओं के बारे में जानकारी कर सकता है। पुलिस और प्रशासन के लिए दंगे के बाद यहीं वाट्सऐप नंबर वरदान साबित हुआ।
काफी लोगों ने भेजे पुलिस को वाट्सऐप पर वीडियो
दरअसल, 26 जुलाई की सुबह गुरुद्वारा रोड से शुरू हुआ दंगा कुछ ही देर में पूरे शहर में फैल गया था। इस दौरान काफी लोगों ने अपने मोबाइल फोन से दंगे की वीडियो बनाने के साथ ही फोटो भी खींचे, लेकिन पुलिस के झमेले में फंसने के डर से ऐसे लोगों ने इन फुटेज को अपने पास ही रखा हुआ था।
एसएसपी राजेश पांडेय ने अपना वाटसअप नंबर सार्वजनिक करते हुए लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास दंगे से संबंधित कोई वीडियो क्लिप या फुटेज है तो वो उनके वाट्सऐप पर भेज सकता है। ऐसे लोगों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
एसएसपी की अपील का ऐसा असर हुआ कि उनके वाट्सऐप पर दंगे से संबंधित काफी वीडियो क्लिप और फुटेज पहुंच गई। कई फुटेज और वीडियो क्लिप ऐसी हैं, जिनमें दंगाइयों की साफ पहचान हो रही है। पुलिस और प्रशासन ऐसी फुटेज और वीडियो क्लिप के जरिए अभी तक 55 से ज्यादा दंगाइयों को चिह्नित कर चुका हैं, जिनमें कुछ को गिरफ्तार किया जा चुका है तो बाकी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
31 मार्च को सत्ताधारी सरफराज खान के साथ गए थे चार लोग
शहर में सांप्रदायिक दंगे के मास्टरमाइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू के साथ एक अप्रैल को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने वाले नेताओं को लेकर पहले ही काफी सियासी तूफान मच चुका है। लेकिन इस मुलाकात के दौरान पप्पू के साथ शामिल रहे नेताओं की भूमिका को लेकर पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ ही सियासी गलियारों में अब तक अटकलों का दौर जारी है। इन्हीं अटकलों के बीच अब (भवन सन्निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष) दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सरफराज खान के विशेष कोटे वाले हाई ऑफिशियल रिक्यूजिशन (एचओआर) टिकट पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह एचओआर टिकट 31 मार्च को सहारनपुर से लखनऊ जाने के लिए 2 टायर एसी कोच ए-वन में राज्यमंत्री सरफराज खान के नाम से ही बुक कराया गया था। यह टिकट 12232 चंडीगढ़ लखनऊ एक्सप्रेस के लिए बुक हुआ था। पीएनआर नंबर 2731082799 वाले एचओआर टिकट पर राज्यमंत्री ने चार लोगों के साथ ही सफर किया, लेकिन टिकट की बुकिंग राज्यमंत्री के नाम से ही की गई। बता दें कि इससे अगले ही दिन मुख्यमंत्री से मिलने वाले नेताओं में राज्यमंत्री सरफराज खान भी शामिल थे। एचओआर टिकट पर विशेष कोटे के तहत मंत्री के अलावा चार अन्य यात्री भी सफर कर सकते हैं।
उधर, राज्यमंत्री सरफराज खान यह तो मान रहे हैं कि 31 मार्च को लखनऊ के लिए उन्होंने एचओआर टिकट बुक कराया था। लेकिन साथ जाने वाले चार अन्य यात्रियों के बारे में वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने इतना ही कहा कि शायद गनर रहे होंगे। अब याद नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इन चार यात्रियों में पप्पू भी उनके साथ था तो उन्होंने कहा कि पप्पू तो लखनऊ में ही मुझे मिला था।
सीएम से मुलाकात में पप्पू की बगल में सरफराज खान
दंगे के बाद सोशल साइट पर अपलोड की गई सीएम से मुलाकात वाली जिस फोटो ने सियासी तूफान मचा दिया था।, उसमें मास्टरमाइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू के अलावा उपचुनाव प्रत्याशी संजय गर्ग, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सरफराज खान, राज्यमंत्री राजेंद्र राणा और गुरप्रीत सिंह बग्गा नजर आए थे।
इस फोटो के बाद सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी सफाई दे चुके हैं कि पार्टी या सरकार से पप्पू के साथ कोई कनेक्शन नहीं है। सीएम अन्य मुलाकातियों की तरह ही इनसे मिले थे। इसके बावजूद जिले में पप्पू के पॉलीटिकल कनेक्शन को लेकर अब तक अटकलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
दंगे से पहले थाने पहुंचा था मंत्री का बेटा
पप्पू से संबंधों पर पूर्व विधायक इमरान मसूद जहां अपनी ओर से पल्ला झाड़ चुके हैं, वहीं उपचुनाव प्रत्याशी संजय गर्ग को अब तक इस मामले में कार्यकर्ताओं और आम जनता को सफाई देनी पड़ रही है। काबिले गौर यह भी है कि 26 जुलाई को थाने पर जमा भीड़ के बीच पहुंचने वालों में इमरान मसूद, एमएलसी उमर अली खान के अलावा राज्यमंत्री सरफराज खान के बेटे शाहनवाज खान भी मौजूद थे। ऐसे में राज्यमंत्री की भूमिका पर भी अब सवाल उठने लगा है।
दंगे में घायल और मृतकों को मिला मुआवजा
दंगे के पीड़ितों को शासन की ओर से मुआवजा दे दिया गया है। प्रशासन की सूची में शामिल 33 लोगों के लिए शासन की ओर से 38.70 लाख का मुआवजा राशि आवंटित की गई थी, जिसे पीड़ितों के खाते में सीधे ई-पेमेंट के माध्यम से ट्रांसफर किया जा रहा है, अभी तक कुल 25 लोगों के खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
प्रशासन की ओर सहारनपुर दंगे के पीड़ितों की सूची में 33 नाम भेजे गए थे, जिनमें तीन मृतक, नौ गंभीर और 21 साधारण रूप से घायलों को शामिल किया गया था। जिस पर शासन ने मृतकों को 10-10, गंभीर घायलों को 50-50 तथा साधारण घायलों को 20-20 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी।
प्रशासन की मांग पर यह मुआवजा राशि जिले को आवंटित कर दी गई थी। जांच टीमों और सत्यापन के बाद 33 में से 25 लोगों को यह मुआवजा राशि वितरित कर दी गई है। डीएम संध्या तिवारी ने बताया कि ई-पेमेंट के माध्यम से राशि सीधे पीड़ितों के खाते में भेजी जा रही है।
ये हैं दंगा पीड़ितों की सूची
मृतक-
. हरीश कोचर पुत्र लद्दाराम निवासी नुमाइश कैंप।
. सरफराज पुत्र फुरकान निवासी पीर वाली गली।
. आरिफ पुत्र नफीस निवासी निवासी शाह बिलोल।
गंभीर घायल
. तेजेंद्र सिह पुत्र गुरुशरण सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।
. गुरविंद्र सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।
. अमरजीत सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।
. बिलाल पुत्र जहूर निवासी पीरवाली गली।
. सरफराज पुत्र नफीस निवासी गुरुद्वारा रोड।
. सोनू पुत्र इकबाल निवासी हयात कालोनी।
. ताहिर पुत्र राशिद निवासी महीपतपुर, लखनऊ।
. नदीम पुत्र शकील निवासी इंद्रा चौक।
. गुफरान पुत्र सलीम निवासी हबीबगढ़।
साधारण घायल
. हरभजन सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।
. काहरान पुत्र सलीम खान निवासी साबरी का बाग।
. मोनू पुत्र तौकीर निवासी चांद कालोनी।
. होमगार्ड जाहिद खान पुत्र बुंदू हसन निवासी छिपियान।
. तसब्बुर पुत्र सुलेमान निवासी गोकलपुर, देहात कोतवाली।
. तालिब पुत्र अली हसन निवासी पाली, गागलहेड़ी।
. अबरार पुत्र शमशाद निवासी खाताखेड़ी।
. आजम पुत्र शाहिद निवासी मुजफ्फराबाद, फतेहपुर।
. अब्दुल पुत्र याकूब निवासी चौकी बाजदारान।
. साबिर पुत्र आदिल निवासी दयालपुर, बेहट।
. नीरज जैन पुत्र दामोदर जैन निवासी जैन बाग।
. अखलाक पुत्र नजीर निवासी उग्राहू, गागलहेड़ी।
. सत्यम शर्मा पुत्र सुनील शर्मा निवासी बेरीबाग।
. अलीम पुत्र तसलीम निवासी मरकड़ कुंज, गंगोह।
. जमील शाह पुत्र अब्दुल मजीद निवासी मरकड़ कुंज, गंगोह।
. विष्णु पुत्र अशोक शर्मा निवासी काली मंदिर, बेहट रोड, सिटी कोतवाली।
. अरशद पुत्र नदीम निवासी नयामतपुर, बेहट।
. रामकुमार पुत्र उग्रसेन निवासी पटेल नगर।
. अब्दुल रहमान पुत्र शमशुर्रहमान निवासी नुमाइश कैंप।
. मोहम्मद मुर्तजा पुत्र अब्दुल गनी निवासी नुमाइश कैंप।
. जसबीर सिंह पुत्र सरदार मेला सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।