गैंगरेप का शिकार हुई फोटो पत्रकार भले अस्पताल में डिप्रेशन से जूझ रही हो, लेकिन उसका हौसला कायम है और वह चाहती है कि उसकी जिंदगी बर्बाद करने वालों को ताउम्र सलाखों के पीछे काटनी पड़े।
पीड़िता के एक रिश्तेदार ने बताया कि उसकी मां को शुरुआत में इस बारे में जानकारी ही नहीं थी।
उन्होंने बताया, "पीड़िता ने खुद अस्पताल से कॉल कर मां को बताया था कि उसका छोटा सा एक्सिडेंट हो गया है। उसने मां से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि उसकी मां को सदमा लगे।"
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पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए यह बताया कि किस तरह उसके सहकर्मी को बांधकर आरोपियों ने जमीन पर गिराया और बर्बरता से पीटा।
पीड़िता चाहती है कि उसकी जिंदगी बर्बाद करने वालों को किसी सूरत में न बख्शा जाए।
अपने परिवार और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य से मुलाकात में भी उसने यही बात कही है। वह चाहती है कि सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा हो।
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इस बीच चौतरफा आलोचना झेल रहे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल को भी राहत मिली होगी, क्योंकि पीड़िता की मां ने मामले में फुर्ती दिखाने के लिए उनकी तारीफ की है।
सूत्र ने बताया, 'पुलिस की तेज-तर्रार कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर मां ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और गृह मंत्री आर आर पाटिल के प्रति आभार जताया।'