राजधानी दिल्ली में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के शामिल नहीं होने पर सवाल खड़े करने भाजपा महासचिव राम माधव विवादों में घिर गए।
सोशल मीडिया में खुद की आलोचना होने के बाद माधव ने अपने ट्वीट पर माफी मांग ली। माधव ने राज्यसभा टीवी द्वारा योग दिवस कार्यक्रम का प्रसारण नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए थे। राज्यसभा टीवी राज्यसभा के सभापति के आधीन है।
इस बीच उपराष्ट्रपति कार्यालय ने अपने बयान में कहा है कि अंसारी को कार्यक्रम के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया था।
राम माधव ने उठाए थे सवाल, मांगी माफी
प्रमुख संघ नेता राम माधव ने अपने पहले ट्वीट में कहा कि दो सवाल उठ रहे हैं। क्या जनता के कर से चलने वाले के बावजूद संसद के उच्च सदन द्वारा संचालित राज्यसभा टीवी ने योग दिवस कार्यक्रम का पूरी तरह से बहिष्कार किया है। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया जबकि उपराष्ट्रपति इससे गैरहाजिर रहे।
भाजपा नेता के राज्यसभा टीवी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अन्य द्वारा तत्काल खंडन किया गया। लोग आरोप का खंडन करने के लिए तत्काल योग दिवस से संबंधित राज्यसभा चैनल के स्क्रीन शॉट को ट्वीट करने लगे।
सोशल मीडिया पर अपनी आलोचना को देखते हुए माधव ने बाद में माफी मांग ली। उन्होंने ट्वीट किया कि मुझे जानकारी दी गई है कि उपराष्ट्रपति बीमार थे। मैं अपने ट्वीट को वापस लेता हूं। मैं माफी मांगता हूं क्योंकि उपराष्ट्रपति का पद सम्मानित पद है। इसके साथ ही उन्होंने अपने दोनों ट्वीट को भी डिलीट कर दिया।
सोशल मीडिया में आलोचना के बाद जताया खेद
भाजपा नेता राम माधव की ओर से सवाल खड़े किए जाने के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर आरोपों का खंडन किया।
बयान में कहा गया कि उपराष्ट्रपति बीमार नहीं थे। उन्हें योग कार्यक्रम के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया। साथ ही कहा कि उपराष्ट्रपति केवल उन कार्यक्रमों में ही शामिल होते हैं जिनके लिए संबंधित मंत्री प्रोटोकॉल के तहत उन्हें आमंत्रित करते हैं।
राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह ने योग दिवस कार्यक्रम का प्रसारण नहीं करने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अफवाहें बेबुनियाद हैं। राज्यसभा टीवी ने न केवल राजपथ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया बल्कि रविवार को योग पर 3 डाक्यूमेंट्री और एक विशेष कार्यक्रम भी चलाया।