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सलमान पर टला फैसला, 3 मार्च को फिर सुनवाई

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16 साल पुराने काले हिरण के शिकार मामले में बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान पर फैसला टल गया है। आर्म्स एक्ट केस से जुड़े इस मामले में जोधपुर कोर्ट 3 मार्च को फैसला सुना सकती है।
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इसके साथ-साथ सलमान खान की ओर से सुनवाई के दौरान हाजिरी से माफी की अर्जी भी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

सलमान के खिलाफ जिस मामले में फैसला टला है वह 16 साल पुराना है। जब फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग राजस्थान में चल रही थी। उसी दौरान 1998 में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया।

इस मामले में 15 अक्तूबर 1998 में सलमान के खिलाफ जोधपुर फॉरेस्ट विभाग की ओर से आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किए गए। उनके खिलाफ चार केस दर्ज किए गए थे।

जिसमें से दो में सलमान को सजा सुनाई जा चुकी है। तीसरा मामला अभी विचाराधीन है। जबकि हथियार रखने के एक और मामले में फैसला 3 मार्च को आने की उम्मीद है।

क्या है पूरा मामला?

सलमान के खिलाफ पूरा मामला सितंबर 1998 का है। जब फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान 1-2 अक्टूबर 1998 की रात में कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हिरणों का शिकार हुआ था।

इसमें सलमान, सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे व नीलम सहित छह लोगों को अरोपी बनाया गया था।

उस समय सलमान पर चार केस दर्ज हुए हुए थे। इनमें शिकार के आरोप के साथ सलमान के खिलाफ शिकार के लिए अवैध हथियार के इस्तेमाल का भी आरोप है।

इसमें हथियार के लाइसेंस अवधि समाप्त होने के कारण सलमान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया था।
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सलमान के खिलाफ दर्ज हुए थे 4 केस

सलमान खान को 26-27 सितंबर और 28-29 सितंबर, 1998 की रात में भवाड़ में दो काले हिरण का शिकार करने और मथानिया के घोड़ा फार्म में एक काले हिरण का शिकार करने के अपराध में दोषी ठहराते हुये अलग-अलग मामलों में क्रमश: एक साल और पांच साल की सजा सुनायी गयी थी। काला हिरण संरक्षित पशु है और इसका शिकार दंडनीय अपराध है।

12 अक्टूबर, 1998 को सलमान ख़ान की गिरफ्तारी हुई। एक दिन बाद यानी 13 अक्टूबर, 1998 को जोधपुर के वन्य विभाग के दफ्तर में जांच अधिकारियों ने सलमान ख़ान और गवाहों के बयान दर्ज किए। बयान दर्ज करने का ये पूरा सिलसिला कैमरे में कैद हुआ। 17 अक्टूबर, 1998 को सलमान बेल पर जोधपुर जेल से रिहा हुए।

14 जनवरी, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर लगी रोक का आदेश रद्द कर दिया और हाईकोर्ट को केस पर नए सिरे से विचार करने को कहा। काले हिरण का शिकार मामला फिलहाल सीजीएम कोर्ट में लंबित है।
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