लंबे इंतजार के बाद आखिरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को फुलटाइम चेयरमैन मिल गया। लगभग 23 महीने के इंतजार के बाद कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे प्रो. वेदप्रकाश को यूजीसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
प्रो. वेदप्रकाश उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मूल निवासी हैं। यूजीसी में आने से पहले वे न्यूपा के कुलपति, योजना आयोग में शिक्षा सलाहकार तथा एनसीईआरटी जैसी देश की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। विभिन्न सरकारी दायित्वों के अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तथा विश्वविद्यालयों में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
उन्हें अमेरिका से पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप भी मिल चुकी है। वे यूनीवर्सिटी ऑफ विंडसर, कनाडा तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। स्वभाव से अति विनम्र प्रो. वेदप्रकाश विश्व बैंक से भी सलाहकार के रूप में जुड़े रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में यूजीसी के चेयरमैन बनने के लिए सैकड़ों लोगों की बीच जिन तीन लोगों को चुना गया था उनमें वेदप्रकाश के अलावा हैदराबाद विवि के पूर्व कुलपति ई. हसनैन तथा आईआईएम बंगलोर के निदेशक प्रकाश चंद्रा का नाम शामिल था। मानव संसाधन मंत्रालय ने अंतत: प्रो. वेदप्रकाश को चेयरमैन बनाने का फैसला लिया।