पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय में बुधवार को पहले ही दिन फरियादियों की भीड़ उमड़ी। महीनों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काटने के बाद भी जिन लोगों की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ, वे अपनी पीड़ा पीएम तक पहुंचाने की आस लेकर सुबह ही रवींद्रपुरी पहुंच गए।
किसी को लापता बेटे की तलाश थी तो किसी को नौकरी की। शिकायतें दर्ज कराने झारखंड से लेकर महाराष्ट्र तक के लोग भी पहुंचे थे। उद्घाटन समारोह में भारी भीड़ होने की वजह से तमाम फरियादियों को गुरुवार को बुलाया गया है।
निषादराज घाट की बिंदु तिवारी पीएम के संसदीय कार्यालय के सामने फफक-फफक कर रो रही थी। बिंदु अपने लापता बेटे को ढूंढने की फरियाद लेकर आई थी। उसने बताया कि पिछले साल देव दीपावली के दिन उसका बेटा बबलू (22) घर से निकला और आज तक नहीं लौटा। लेकिन पुलिस उसके बेटे को खोजने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। अब पीएम ही उनके बेटे की तलाश कराएं।