दुनिया में तेजी से पांव पसार रहे खतरनाक जीका वायरस के खिलाफ भारत में इसका पहला टीका तकरीबन तैयार कर लिया गया है। भारत बायोटेक नामक एक स्थानीय कंपनी ने मच्छरों से फैलने वाले जीका से लड़ने के लिए एक टीका विकसित करने के करीब पहुंचने का दावा किया है।
कंपनी ने कहा है कि वह जल्द ही दुनिया के लिए पहला टीका ‘जीकावैक’ का एलान करेगी। जीका वायरस का अभी तक कोई टीका नहीं होने और टीका विकसित करने में दस साल का वक्त लगने की विशेषज्ञों की राय को देखते हुए यह एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। भारत में भले ही जीका का कोई मामला नहीं हो, मगर यहां भी काफी सतर्कता बरती जा रही है।
जीका वायरस का प्रकोप उत्तर और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीपों में तेजी से बढ़ रहा है। इस घातक वायरस की वजह से छोटे सिर वाले बच्चे पैदा हो रहे हैं और आम इंसानों के मस्तिष्क को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। यह वायरस एडीज मच्छरों की वजह से फैल रहा है।
एक साल पहले ही वायरस पर शुरू किया
भारत बायोटेक कंपनी के सीएमडी कृष्णा एल्ला का कहना है कि उन्होंने एक साल
पहले ही जीका वायरस पर काम शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि पहले काम
शुरू करना उनकी टीम के लिए फायदेमंद रहा और वे संभवत: दुनिया में सबसे पहले
इसका वैश्विक पेटेंट हासिल करने के लिए आवेदन करेंगे।
एल्ला ने कहा कि
कंपनी दो वैक्सीन विकसित कर रही है। इनमें से एक इनएक्टिवेटेड वैक्सीन है,
जिसका पशुओं में प्री-क्लीनिकल टेस्ट हो गया है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही
इस टीके को लांच करने की घोषणा की जाएगी। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का हवाला
देते हुए कृष्णा ने कहा कि ब्राजील समेत 23 देशों में जीका ने अपनी पैठ बना
ली है।
तापमान बढ़ने पर और फैलेगा जीका
वैज्ञानिकों ने बुधवार को चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप बढ़ेगा। ये मच्छर तेजी से जीका वायरस को फैलाएंगे। उल्लेखनीय है कि डेंगू और दूसरी मच्छर जनित बीमारियों में भी मौसम ने काफी भूमिका निभाई है। ब्राजील जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों में यह वायरस इसीलिए तेजी से फैल रहा है।
अमेरिका में यौन संबंध से जीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। यहां के टेक्सास के डलास में में यौन संक्रमण के जरिए जीका होने की पुष्टि हुई है। द सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रीवेंशन ने इस बात की पुष्टि की है।
डलास काउंटी के एक अधिकारी ने बताया कि एक बीमार व्यक्ति यौन संबंध बनाने के बाद जीका की चपेट में आ गया। डब्ल्यूएचओ ने जीका को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।