भाजपा की उत्तराखंड में प्रदेश संगठन की कमान युवा नेता को सौंपने की योजना विफल होती दिख रही है। विभिन्न गुटों में बंटी भाजपा नेताओं में एक नेता के नाम पर आम राय नहीं बनते देख भाजपा हाईकमान पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पर फिर से दांव लगाने की तैयारी में है।
प्रदेश भाजपा को अब शुक्रवार को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाने की उम्मीद है। नये अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए राष्ट्रीय महासचिव विजय गोयल शुक्रवार को देहरादून में होंगे। कोश्यारी का नाम सामने आने से पहले पूर्व मंत्री त्रिवेंद्र सिंह पवार और तीरथ सिंह रावत अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन दोनों में से किसी एक के नाम पर सभी धड़े एक मत नहीं हो पाए। हालांकि ये नेता अब भी दौड़ में बने हैं।
चूंकि अब जल्दी ही स्थानीय निकायों के चुनाव हैं और फिर लोकसभा चुनाव। इसलिए भाजपा हाईकमान ने युवा पीढ़ी की बजाए अनुभवी कोश्यारी को दोबारा प्रदेश की कमान देने का मन बनाया है। कोश्यारी राज्यसभा सांसद होने के साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
खास बात यह है कि विपक्ष के नेता अजय भट्ट को भी कोश्यारी कैंप का माना जाता है। कोश्यारी को प्रदेश संगठन की कमान सौंपे जाने पर भाजपा में दोनों प्रमुख पद एक ही खेमे के पास होंगे। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी चाहते रहे हैं कि तीरथ सिंह रावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी तीरथ के नाम पर आपत्ति नहीं थी, लेकिन कोश्यारी चाहते थे कि त्रिवेंद्र सिंह रावत अध्यक्ष बनें। इनके साथ ही धन सिंह रावत और मोहन सिंह गांववासी के नाम भी उछाले गये, लेकिन किसी के नाम पर भी आम सहमति नहीं बन पाई। इसलिए अब कोश्यारी के अनुभव को देखते हुए उन्हें पाटी संगठन की कमान सौंपने की तैयारी है।