एनआरएचएम के कार्यों का लखनऊ से जायजा लेने आई टीम के संयुक्त निदेशक डॉ. डीएन त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही पांच हजार डॉक्टरों की भर्ती होगी। बन्नादेवी स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को भवन की हालत सुधारने को एनआरएचएम से दस लाख रुपये दिए गए हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने जिला अस्पताल के दौरे के बाद सीएमएस ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रदेश में 1800 फार्मासिस्ट और 1207 डॉक्टर नियुक्त हुए हैं जो इस माह के अंत तक आ जाएंगे। इसके अलावा जहां ज्यादा डॉक्टर तैनात हैं वहां से उनको कमी वाले जनपदों में शिफ्ट किया जाएगा। इसी क्रम में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सूची तैयार की गई है। उन्हें भी अनुपयोगी स्थानों से हटाकर 15 जनवरी तक खाली पदों पर भेजा जाएगा। प्रदेश में 193 बेहोशी के डॉक्टर ऐसे हैं जोकि पीएचसी और सीएचसी पर तैनात हैं और वहां उनका उपयोग नहीं है।
एनआरएचएम के तहत जिले में 12 करोड़ से जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और डीडी अस्पताल में रुके पड़े कार्यों को जनवरी से शुरू कराकर मार्च तक पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर माह लखनऊ से टीम आकर कार्यों का सत्यापन करेगी। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर अब 60 एएनएम की ट्रेनिंग शुरू होगी। भवन के लिए दस लाख रुपये दिए गए हैं। इस अवसर पर टीम में आईं डॉ. प्रवेश कुमारी, डॉ. मीनू वर्मा के अलावा सीएमएस डॉ. एके सिंह, डीएमओ डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ मौजूद थे।
टीम ने कहा जिला अस्पताल की स्थिति गुड
टीम ने दूसरे दिन सुबह जिला अस्पताल, शहरी हेल्थ पोस्ट ऊपरकोट और एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का जायजा लिया। टीम के सदस्यों ने बताया कि जिला अस्पताल की स्थिति गुड है। इसे एक्सीलेंट बनाने के लिए जो मानव संसाधनों की कमी है, उसे पूरी कराने की संस्तुति की जाएगी। अस्पताल में ईएनटी सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्टों की कमी है। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर व्यवस्थाओं में सुधार होगा। वहां हैंडपंप खराब हैं। इसकी स्थिति सुधारने को एनआरएचएम से धन दिया गया है। ऊपरकोट एचपीडी पर सब ठीक मिला। टीम के साथ दौरे में सीएमओ डॉ. अर्जुन सिंह मौजूद रहे।