मुंबई में शुरू मेक इन इंडिया कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशकों का मेला लगा हुआ है। इस कार्यक्रम को जहां दूसरे राज्य अपने यहां निवेश के सुनहले मौके के रूप में भुना रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार ने इसे पार्टी के प्रचार का जरिया बना लिया है। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए तैनात किए गए अधिकारियों का रवैया भी बेहद चिंताजनक है।
अधिकारियों के बातचीत का लहजा और तरीका यूपी में निवेश के माहौल को बताने के लिए काफी है। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में लगी मेक इन यूपी स्टाल के बाहर सपा की निशानी साइकिल दिख रही है। हैरानी की बात यह है कि जब मीडिया ने इस पर सवाल उठाए, तो स्टॉल में मौजूद अधिकारी पत्रकारों को नसीहत देते हुए बदतमीजी पर उतर आए।
उत्तर प्रदेश सरकार के एक अधिकारी संजीव दत्त से जब निवेश की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने राजनीतिक अंदाज में जवाब दिया। जब उनसे निवेश के बारे में जानकारी चाही गई, तो उन्होंने साफ कहा कि हम निवेश के बारे में जानकारी नहीं दे सकते। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को यूपी में निवेश के माहौल के बारे में बता रहे हैं। अब उद्योग को लेकर कितने सामंजस्य करार (एमओयू) होगे, इससे उनका कुछ भी लेना-देना नहीं है।