अमेरिका में भारतीय मूल के श्रीकांत श्रीनिवासन की देश की दूसरी सबसे बड़ी अदालत में जज नियुक्ति किया गया है।
ओबामा ने आशा जताई कि चंडीगढ़ में पैदा हुए अमेरिकी कानून के जानेमाने जानकार श्रीनिवासन पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वाह करेंगे।
ओबामा श्रीनिवासन को अमेरिका का ‘सबसे उम्दा’ व्यक्ति करार दे चुके हैं। श्रीनिवासन को डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट की अमेरिकी अपीलीय कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त किया गया है।
पहले दक्षिण एशियाई
बृहस्पतिवार को सीनेट ने उनकी नियुक्ति पर अपनी मुहर लगाई थी। अमेरिकी उच्च सदन में हुए मतदान के दौरान श्रीनिवासन के पक्ष में 97 मत पड़े थे, जबकि विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा।
सीनेट की मुहर के बाद वह अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी अदालत के लिए जज चुने जाने वाले पहले दक्षिण एशियाई और भारतीय बन गए हैं।
इस बात की भी अटकलें हैं कि वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के लिए भी चुने जाएंगे।
सीनेट की मंजूरी
ओबामा ने अपने बयान में कहा कि श्रीकांत अमेरिका के सबसे उम्दा व्यक्ति हैं।
वह पूरी निष्ठा के साथ एक संघीय जज के तौर पर अपना काम करेंगे। बकौल ओबामा, उन्होंने दो दशक तक असाधारण वादी के तौर पर अपनी सेवाएं दी है।
श्रीनिवासन को पहली बार जून 2012 में नामित किया गया था। दो जनवरी 2013 में उनका नाम ओबामा के पास वापस भेज दिया गया था। तीन जनवरी को ओबामा ने दोबारा उनका नाम भेजा, जिसे अब जाकर सीनेट की मंजूरी मिल पाई।
नियुक्ति का स्वागत
भारतीय अमेरिकी समुदाय ने श्रीनिवासन की नियुक्ति का स्वागत किया है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के एक मात्र सांसद एमी बेरा ने कहा कि श्रीकांत के नामांकन को इतने व्यापक तरीके से समर्थन मिलने के बाद वह रोमांचित हैं।
अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गैबार्ड ने भी श्रीकांत के चुनाव पर खुशी जताई। कई अन्य भारतीयों ने उनकी नियुक्ति को ऐतिहासिक करार दिया।
कौन हैं श्रीनिवासन
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ शहर में हुआ। उनका बचपन अमेरिकी राज्य कंसास में बीता।
उन्होंने 1989 स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की तथा स्टैनफोर्ड ला कॉलेज 1995 में कानून की पढ़ाई पूरी की।
कानून के पढ़ाई के ही साथ श्रीनिवासन ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ही 1995 में एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने कानूनी लिपिक के तौर पर अपने करियर की शुरूआत की।