गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिका से फिर बुरी खबर आई है। अमेरिका के 27 सांसदों ने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को पत्र लिखकर नरेंद्र मोदी को वीजा न देने की सिफारिश की है।
इन सांसदों ने कहा है कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2002 के दंगों के पीड़ितों को इंसाफ नहीं दिलाया है, लिहाजा उन्हें वीजा न दिया जाए।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के इन 27 सदस्यों का कहना है कि यदि नरेंद्र मोदी को वीजा दे दिया जाता है कि इस कदम से गुजरात दंगों की जाच पर असर पड़ सकता है। हिलेरी क्लिंटन को ये पत्र 29 नवंबर को लिखा गया था।
पत्र का खुलासा रिपब्लिकन कांग्रेस के जॉ पिट और फ्रेंक वोल्फ ने कपिटोल हिल में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में किया। हिलेरी क्लिंटन को भेजे गए इस पत्र में जॉन केनयर्स, ट्रेंट फ्रेंक मिशेल होंडा, बिल पासक्रिल, बारबरा ली, एडवार्ड मार्की, जिम जॉर्डन समेत 29 सांसदों के दस्तखत हैं।
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी को वर्ष 2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वीजा देने से मना कर दिया गया था। हांलाकि बीते कुछ दिनों में अमेरिकी सरकार इस मुद्दे पर कुछ नरम रुख अपनाती दिखाई दे रही थी। अमेरिका ने कहा था कि यदि मोदी वीजा के लिए आवेदन देते हैं तो इस पर विचार किया जा सकता है।