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स्मार्ट सिटी पर अमेरिका ने शुरू किया काम

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इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने का काम आखिरकार प्रारंभिक स्तर पर शुरू हो ही गया। शुक्रवार इलाहाबाद आई यूएस ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसटीडीए) के विशेषज्ञों ने पहले चरण में पांच लाख डॉलर (तकरीबन तीन करोड़ रुपये) की लागत से इससे जुड़े विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग (क्षमता वृद्धि) तथा इलाहाबाद के सर्वे आदि के लिए कार्य शुरू कर दिए।
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टीम के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को संगम, भारद्वाज आश्रम और इलाहाबाद विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। तय हुआ कि स्मार्ट सिटी में हर चीज को संवारा जाएगा। एजेंसी के प्रतिनिधि अब इलाहाबाद के हर क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें नगर निगम की ओर से बनाई गई योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।

एजेंसी रिपोर्ट इस तरह से तैयार करेगी, ताकि अमेरिकी कंपनियां यहां निवेश करें। विशेषज्ञों ने यह भी साफ कर दिया कि यूएसटीडीए यहां अगले डेढ़ वर्ष में स्मार्ट सिटी पर विस्तृत रूप से काम शुरू कर देगी। यूएसटीडीए के इमर्जिंग मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर डग शुस्टर के नेतृत्व में इंडिया ऑफिसर मेहनाज अंसारी, स्मार्ट सिटी काउंसिल सुब्रमन्यन वडारी एवं प्रताप पडोडे, स्टूडियो पीओडी डिजाइन सरफराज मोमिन एवं मानसी साहू के साथ आई टीम ने सुबह संगम, भारद्वाज आश्रम और इविवि का निरीक्षण किया।
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इसके बाद टीम के विशेषज्ञों ने नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ कमिश्नर राजन शुक्ला से औपचारिक मुलाकात की। यहां से टीम के सदस्य नगर निगम पहुंचे। फिर नगर आयुक्त के साथ बैठक कर स्मार्ट सिटी पर अब तक बनी योजना पर चर्चा की। नगर आयुक्त ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर हो रहे काम के बारे में जानकारी दी।
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डेढ़ वर्ष में काम शुरू करने की बनाई है योजना

इस दौरान मेहनाज अंसारी ने बताया कि सबसे पहले यहां स्टॉकहोल्डर्स (स्मार्ट सिटी की योजना तैयार करने वाले विभागों के अफसर-कर्मचारी) की कार्यक्षमता में वृद्धि के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। फरवरी में वर्कशॉप भी की जाएगी। टीम के विशेषज्ञ नगर निगम समेत अन्य विभागों की ओर से स्मार्ट सिटी पर तैयार योजना को समायोजित कर शहर का सर्वे करेगी।

इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें शहर के किस हिस्से में किस तरह के काम होने हैं, यह तय किया जाएगा। बताया कि कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए यूएसटीडीए ने पांच लाख डॉलर स्वीकृत किए हैं। यूएसडीटीए स्मार्ट सिटी का डीपीआर भी तैयार करेगी।  बताया कि बेस लाइन तैयार करने के बाद प्लान निवेशकों के सामने रखा जाएगा, जिसमें यह तय होगा कि अमेरिकी कंपनियां यहां कहां-कहां निवेश करेंगी। पूरा प्लान तीन से चार माह में तैयार होगा।

यूएसटीडीए के चार विशेषज्ञ शुक्रवार को ही लौट गए। अब वह फरवरी में आएंगे लेकिन इस बीच वह नगर निगम अफसरों और अपनी टीम से लगातार संपर्क में रहेंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि यूएसटीडीए की टीम को लीड करने वाले इमर्जिंग मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर डग शुस्टर से संपर्क बना रहेगा।

आते ही काम में जुटे विशेषज्ञ
यूएसटीडीए के विशेषज्ञ इलाहाबाद में पहुंचने के साथ ही शुक्रवार से ही काम में जुट गए। स्टूडियो पीओडी डिजाइन मानसी साहू के नेतृत्व में टीम ने पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान से नगर निगम की ओर से तैयार प्लान लिया। अब इसी के आधार पर टीम शहर के हर हिस्से का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी।

देश के विशेषज्ञों से भी लेंगे मदद
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यूएसटीडीए देश के विशेषज्ञों का भी सहयोग लेगी। एजेंसी की इंडिया ऑफिसर मेहनाज अंसारी ने बताया कि अमेरिकी और भारतीय विशेषज्ञ मिलकर योजना को अंतिम रूप देंगे। शहर की जरूरत के हिसाब से प्लान तैयार होगा। फरवरी में वर्कशॉप के दौरान तय होगा कि  कहां, कैसे और किस क्षेत्र में निवेश होगा।

डोर-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम को सराहा
शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत हो रहे काम को यूएसटीडीए के विशेषज्ञों ने सराहा। नगर आयुक्त ने बताया कि इस काम के लिए हरीभरी कंपनी से समझौता किया गया है। कंपनी घरों में नियर फील्ड कम्यूनिकेशन (एनएफसी) टैग लगा रही है। यह आरएफआईडी का एडवांस वर्जन हैं। बताया कि मैनेजमेंट प्लांट में कूड़े से खाद एवं आरडीएफ भी बन रहा है। आरडीएफ की खपत फैक्ट्रियों में हो रही है।
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