योग गुरु बाबा रामदेव ने यूपीए सरकार पर आरोप लगाया कि जब से उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की है तब से वह उनसे राजनीतिक रंजिश मानती है और उनके ट्रस्टों के कामकाज को लेकर जांच कराना शुरू कर दिया है।
बाबा ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पिछले साल चार जून से पहले सब कुछ ठीक था और मेरे ट्रस्ट पाक साफ थे। हवाई अड्डे पर चार मंत्री मेरी अगवानी के लिए आए थे, लेकिन यहां किए गए आंदोलन के बाद मान लिया गया कि जो भी धन मेरे ट्रस्टों में आया वह आय है न कि दान।
रामदेव ने कहा कि सरकार ने यह भी मान लिया कि उनका कोई भी ट्रस्ट सामाजिक काम करने के लिए नहीं है। यह परिवर्तन उनके दो चीजों पर सवाल उठाने के बाद आया। पहला था आर्थिक व्यवस्था और दूसरा था राजनीतिक व्यवस्था। यदि कोई भी गलत कामों के खिलाफ खड़ा होगा तो गलत करने वाले यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।
स्वाइन फ्लू पर बाबा ने कहा कि इस वायरस से पूरे देश में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान चली गई। आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में स्वाइन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया का इलाज नहीं है पर हमारे योग व आयुर्वेद में है। यह सर्दी जुकाम के वायरस की तरह संक्रामक है और तेजी के साथ फैलता है।
उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ‘कन्फ्यूज्ड’ बताया। जब उनसे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बचते हुए कहा कि वहां इस पद के योग्य कई लोग हैं लेकिन कौन उपयुक्त है यह समय बताएगा। अफजल को फांसी देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भगवा आतंकवाद नामकरण किया फिर हिंदुओं को खुश करने के लिए बड़ी चालाकी से अफजल को फांसी दे दी।